महाराष्ट्र के खाद्य व औषधि प्रशासन (एफडीए) आयुक्त तुकाराम मुंढे इन दिनों खासे चर्चा में हैं। मुंढे खाद्य पदार्थों में मिलावट, नकली दवाओं और नियमों का उलंघन करने वाले व्यापारियों के खिलाफ सख्त कारर्वाई कर रहे सिंघम अधिकारी के रूप में सुर्खियों में हैं। लेकिन एक ईमानदार और दृढ़ निश्चयी अधिकारी होने की उन्हें कीमत भी चुकानी पड़ी हैं। 21 साल की प्रशासनिक नौकरी में अब तक उनका 25 बार तबादला हो चुका है। लेकिन, इसके बावजूद उनके कदम नहीं डिगे।
एनसीपी नेता व खाद्य व औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि झिरवल की थर्ड जेंडर के साथ तस्वीरें सामने आई। इससे नाराज मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने तुकाराम को एफडीए आयुक्त बनाकर सफाई अभियान शुरू किया।
तुकाराम को सचिव स्तर का दर्जा होने के बावजूद पदावनत कर एफडीए का आयुक्त बनाया गया। पदभार ग्रहण करने के बाद से उन्होंने राज्य भर में जांच अभियान चलाकर मिलावटखोरों की नाक में दम कर दिया है। उन्होंने 2 महीने में 1100 छापे मारकर 56 होटलों के लाइसेंस रद्द कर दिए जिससे व्यापारियों में खलबली मच गई है। उन्होंने कहा, बार-बार होने वाले तबादलों से उन्हें परेशानी नहीं होती। इसके बजाय, हर नई जगह उन्हें सकारात्मक बदलाव करने का अवसर देती है।
स्वास्थ्य से समझौता नहीं किया जा सकता: तुकाराम मुंढे
पुणे में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि बदलाव प्रगति का हिस्सा है। दो दशक से अधिक के प्रशासनिक करियर में मुंढे का 20 से ज्यादा बार तबादला हो चुका है। एफडीए आयुक्त बनने के बाद उन्होंने मिलावट, खराब स्वच्छता और बिना लाइसेंस चल रहे खाद्य कारोबार के खिलाफ राज्यभर में अभियान शुरू किया है। उन्होंने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य से समझौता नहीं किया जा सकता। मिलावटी भोजन, जहरीली शराब और घटिया खाद्य उत्पाद लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा हैं। FDA ने शिकायतों के लिए टोल-फ्री नंबर भी शुरू किया है। मुंढे ने युवाओं को दूसरों की नकल करने के बजाय अपनी पहचान बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बिताने के बजाय युवाओं को सोचने और मेहनत करने पर ध्यान देना चाहिए।
इससे पहले सात अगस्त को महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने शुक्रवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे की दो मेस सुविधाओं को संचालन बंद करने का नोटिस दिया। यह कार्रवाई आवश्यक अनुमति और पंजीकरण की कमी के कारण हुई। पवई क्षेत्र स्थित IIT के छात्रावास संख्या 1 और 2 के मेस निरीक्षण में यह पाया गया। नियामक प्राधिकरण ने उन्हें तुरंत संचालन रोकने का निर्देश दिया। छात्रावास संख्या 12, 13 और 14 के मेस में भी कमियां मिलीं, जिसके लिए खानपान संचालक को नोटिस जारी हुआ। नए FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में राज्यव्यापी खाद्य सुरक्षा अभियान जारी है। इस अभियान के तहत कई भोजनालयों और रेस्तरां के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। इनमें दादर का मेसर्स ईट नीनो प्राइवेट लिमिटेड और अंधेरी का मेसर्स जय मां काली ढाबा प्रमुख हैं। नवी मुंबई के पंजाब ग्रिल का लाइसेंस भी निलंबित हुआ। 4 से 6 अगस्त के बीच 63 रेस्तरां का निरीक्षण किया गया, जिनमें से 38 को सुधार नोटिस और सात के लाइसेंस निलंबित हुए।







