रांची के कोल्हान क्षेत्र में माओवादी विरोधी अभियान के बीच एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, दस लाख रुपये के इनामी माओवादी सालुका कायम उर्फ सालुका उर्फ डांगिल उर्फ मारू उर्फ भुवनेश्वर कायम ने दो महिला माओवादियों के साथ पश्चिमी सिंहभूम पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है।
मिसिर बसेरा का खास माना जाता है
सूत्रों का दावा है कि सालुका कायम लंबे समय से माओवादी संगठन में सक्रिय रहा है और शीर्ष माओवादी नेता मिसिर बेसरा का करीबी सहयोगी माना जाता रहा है। हाल के महीनों में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे लगातार अभियानों, माओवादी नेटवर्क पर बढ़ते दबाव और शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी के बाद संगठन के कई सदस्यों के आत्मसमर्पण की घटनाएं सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि इसी क्रम में सालुका कायम ने भी दो महिला माओवादियों के साथ आत्मसमर्पण किया है। इसे कोल्हान क्षेत्र में माओवादी विरोधी अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
सूत्रों का दावा है कि सालुका कायम लंबे समय से माओवादी संगठन में सक्रिय रहा है और शीर्ष माओवादी नेता मिसिर बेसरा का करीबी सहयोगी माना जाता रहा है। हाल के महीनों में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे लगातार अभियानों, माओवादी नेटवर्क पर बढ़ते दबाव और शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी के बाद संगठन के कई सदस्यों के आत्मसमर्पण की घटनाएं सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि इसी क्रम में सालुका कायम ने भी दो महिला माओवादियों के साथ आत्मसमर्पण किया है। इसे कोल्हान क्षेत्र में माओवादी विरोधी अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में रांची में 14 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया था। वहीं, सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल क्षेत्र में सक्रिय रहे रवि सरदार समेत तीन माओवादियों की गिरफ्तारी भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि रही है। इन घटनाओं के बाद माओवादी संगठन पर लगातार दबाव बढ़ता नजर आ रहा है।






