बेगूसराय जिले के अनुमंडलीय अस्पताल मंझौल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सड़क दुर्घटना में घायल एक युवक के टूटे पैर को कार्टन से बांधकर बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल बेगूसराय रेफर किए जाने का दृश्य दिख रहा है। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था और उपलब्ध संसाधनों को लेकर लोगों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
अस्पताल में स्टाफ की कमी
अस्पताल प्रबंधक गौरी शंकर ने बताया कि अस्पताल में आर्थोपेडिक के केवल एक चिकित्सक हैं और ड्रेसर, ओटी असिस्टेंट, वार्ड ब्वॉय, फोर्थ ग्रेड कर्मियों समेत करीब 70 प्रतिशत मानव संसाधन की कमी है। उन्होंने कहा कि मरीज को चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के तहत कार्टन से पैर स्थिर कर रेफर किया गया था।
अस्पताल प्रबंधक गौरी शंकर ने बताया कि अस्पताल में आर्थोपेडिक के केवल एक चिकित्सक हैं और ड्रेसर, ओटी असिस्टेंट, वार्ड ब्वॉय, फोर्थ ग्रेड कर्मियों समेत करीब 70 प्रतिशत मानव संसाधन की कमी है। उन्होंने कहा कि मरीज को चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के तहत कार्टन से पैर स्थिर कर रेफर किया गया था।
30 प्रतिशत कर्मियों के भरोसे चल रहा अस्पताल
वहीं, अस्पताल प्रभारी चिकित्सक ने बताया कि वायरल वीडियो 15 जुलाई की रात का है, जिसे अब सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध संसाधनों और मरीज की स्थिति को देखते हुए ऐसा किया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल फिलहाल मात्र 30 प्रतिशत कर्मियों के भरोसे संचालित हो रहा है तथा फ्रैक्चर स्प्लिंट की आपूर्ति भी नहीं हो रही है। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की जांच कर अस्पताल में आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है।
वहीं, अस्पताल प्रभारी चिकित्सक ने बताया कि वायरल वीडियो 15 जुलाई की रात का है, जिसे अब सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध संसाधनों और मरीज की स्थिति को देखते हुए ऐसा किया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल फिलहाल मात्र 30 प्रतिशत कर्मियों के भरोसे संचालित हो रहा है तथा फ्रैक्चर स्प्लिंट की आपूर्ति भी नहीं हो रही है। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की जांच कर अस्पताल में आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है।







