क्या था मामला
वर्ष 2020 में नागरिकता संशोधन कानून के समर्थकों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसा के बाद 24 फरवरी, 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक झड़पें हुईं, जिसमें कम से कम 53 लोग मारे गए और कई घायल हो गए थे। इसी दौरान जब अंकित शर्मा आरोपियों को शांत करने और उनसे कानून हाथ में नहीं लेने का आग्रह कर रहे थे। तभी उन्हें पकड़ लिया गया और उनकी जान लेने के बाद शव नाले में फेंक दिया गया था।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया फैसले का स्वागत
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ताहिर हुसैन समेत पांच लोगों को अंकित शर्मा हत्याकांड में सजा मिलने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने एक्स पर लिखा, आईबी अधिकारी स्वर्गीय अंकित शर्मा हत्याकांड में माननीय न्यायालय द्वारा आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और अन्य 5 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने का हम स्वागत करते हैं।
आज दिल्ली की जनता आम आदमी पार्टी से जवाब चाहती है। ताहिर हुसैन को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया लेकिन उसके बाद भी केजरीवाल जी, मनीष सिसोदिया उसके सपोर्ट में खड़े रहे! उसे बचाने की लगातार कोशिश करते रहे! आखिर क्यों? क्या केजरीवाल जी दिल्ली की जनता को बताएंगे? क्या उनकी शह पर ही ताहिर हुसैन जैसे लोगों ने दंगों की साजिश रची थी? आज न्याय की जीत हुई है। यह फैसला देश के हर नागरिक का कानून और न्यायपालिका पर विश्वास और मजबूत करता है।








