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सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोमवार को सफदरजंग अस्पताल प्रशासन से उन्हें छुट्टी देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि उनकी स्वास्थ्य संबंधी सभी जांच सामान्य हैं, इसलिए उन्हें ‘संसद चलो’ मार्च में शामिल होने की अनुमति दी जाए। यह मार्च कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके और अन्य कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे वांगचुक को 18 जुलाई को अनशन के 21वें दिन स्वास्थ्य बिगड़ने पर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वांगचुक ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर साझा किए गए एक पत्र में लिखा कि वह आज खुद को पूरी तरह स्वस्थ महसूस कर रहे हैं और अस्पताल प्रशासन से अनुरोध करते हैं कि उन्हें, भले ही अस्थायी रूप से, अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति दी जाए ताकि वे सोमवार सुबह संसद तक निकाले जा रहे ‘संसद चलो’ मार्च में शामिल हो सकें।
उन्होंने पत्र में लिखा, “मैं यह बताना चाहता हूं कि आज मैं पूरी तरह ठीक महसूस कर रहा हूं और मेरे स्वास्थ्य संबंधी सभी पैरामीटर भी सामान्य हैं। इसलिए आपसे अनुरोध है कि कृपया मुझे अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति दें, चाहे वह अस्थायी रूप से ही क्यों न हो, ताकि मैं आज सुबह संसद तक होने वाले ‘संसद चलो’ मार्च में शामिल हो सकूं। इसके लिए मैं आपका आभारी रहूंगा।”
इस बीच, सोमवार को सीजेपी कार्यकर्ताओं ने संसद की ओर मार्च निकालने का प्रयास जारी रखा। इसी दौरान पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास को पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) कार्यालय ले जाया गया। सौरव दास ने बताया कि प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत जारी है। एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘सरकार के साथ हमारी बातचीत चल रही है।’
इससे पहले, संसद की ओर बढ़ रहे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया था। जंतर-मंतर से शुरू हुए इस प्रदर्शन के कारण राष्ट्रीय राजधानी में यातायात प्रभावित हुआ और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई।
दिल्ली पुलिस की एडवाइजरी के अनुसार, जुलूस, प्रदर्शन, रैली और पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध है। हालांकि, जंतर-मंतर स्थित निर्धारित प्रदर्शन स्थल पर पूर्व अनुमति के साथ प्रदर्शन की अनुमति है। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत को देखते हुए संसद परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है।