शिक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों के प्रस्तावित संसद मार्च से पहले हंगामा हुआ। जंतर-मंतर के चारों तरफ बैरिकेडिंग है।संसद मार्च के दौरान पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने तक पहुंचे प्रदर्शनकारियों को लाठीचार्ज कर खदेड़ दिया गया।
जंतर मंतर धरना स्थल पर लगातार पहुंच रहे समर्थक
जंतर मंतर धरना स्थल पर लगातार समर्थक पहुंच रहे हैं। सोमवार को जब CJP एक्टिविस्ट संसद तक विरोध मार्च निकालने की कोशिश कर रहे थे, तब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास को डिप्टी कमिश्नर के ऑफिस ले जाया गया। उन्होंने बताया कि अधिकारियों और उनके बीच बातचीत चल रही है। इस घटनाक्रम के बारे में पूछे जाने पर दास ने ANI को बताया, “हम (सरकार के साथ) बातचीत कर रहे हैं।” यह घटनाक्रम तब हुआ जब पुलिस ने संसद भवन की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया। जंतर-मंतर से शुरू हुए इस प्रदर्शन के कारण राष्ट्रीय राजधानी में ट्रैफिक में काफी रुकावट आई, क्योंकि बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे।
सरकार विरोधी नारेबाजी कर रहे प्रदर्शनकारी
सरदार पटेल भवन के पास प्रदर्शनकारी सरकार विरोधी नारेबाजी कर रहे हैं। संसद की ओर बसें और बैरिकेडिंग लगाकर पुलिस ने रास्ता बंद किया हुआ है। प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में लगातार लोग आ रहे हैं।
‘शिक्षा मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए’
जंतर-मंतर पहुंचने पर AAP नेता गोपाल राय ने कहा, “देश भर से छात्र और युवा जंतर-मंतर पहुंचे हैं। सभी की एक ही चिंता है। शिक्षा मंत्री देश के लाखों छात्रों और युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल रहे हैं, इसलिए उन्हें इस्तीफ़ा देना चाहिए; लोग उन्हें हटाने की मांग कर रहे हैं। सरकार ने जबरदस्ती वांगचुक की भूख हड़ताल खत्म करवा दी, जिससे लोगों में गुस्सा है। लोग आज इस मांग के साथ यहाँ जमा हुए हैं कि शिक्षा मंत्री को हटाया जाए और देश के छात्रों और युवाओं का भविष्य सुरक्षित किया जाए।”






