गैगस्टर नीतीश कौशल अमेरिका में गिरफ्तार, एफबीआई ने अपनी मोस्ट वांटेड लिस्ट में किया था शामिल

मेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (बीबीआई) ने गुरुवार को एक घोषणा की। पंजाब स्थित भगवानपुरिया गिरोह से जुड़े नीतीश कौशल को अमेरिकी कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने वर्मोंट में गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के नाम से जाने अभियान के तहत किया गया है। बता दें कि यह गिरफ्तारी भारत से जुड़े तीन संगठित अपराध समूहों के 15 सदस्यों की अमेरिका में गिरफ्तारी के कुछ हफ्तों बाद हुई है।

अमेरिकी अधिकारियों ने कितने लोगो का नाम जारी किया? 
अमेरिकी अधिकारियों की ओर से बिश्नोई, भगवानपुरिया और ढांडा संगठिक अपराध समूहों के गतिविधियों के संबंध में 34 व्यक्तियों का नाम जारी किया। कौशल का नाम उन 11 के सूची में शामिल था, जो या तो फरार थे या अमेरिकी अधिकारियों की हिरासत में नहीं थे।

 

गिरफ्तारी वारंट कब जारी हुआ? 
रैकेटियर इन्फ्लुएंस एंड करप्ट ऑर्गेनाइजेशन्स कॉन्स्पिरेसी (आरआईको) के आरोप में उन पर मुकदमा चलाया गया, जिसके बाद 25 जून को कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के अमेरिकी जिला न्यायालय में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया।

 

 

क्या है आरोप?
एफबीआई ने अपनी वेबसाइट पर बताया, ‘कौशल एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठन में कथित संलिप्तता के लिए वांछित है, जो हत्या, अपहरण, मादक पदार्थों की तस्करी, जबरन वसूली, हथियारों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी जैसे काम में शामिल है। यह संगठन, जिसे जगगु भगवानपुरिया संगठित अपराध समूह (भगवानपुरिया ओसीजी) के नाम से जाना जाता है।

यह भारत के पंजाब राज्य में उत्पन्न हुआ और कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट और अन्य जगहों पर सक्रिय था। कौशल पर भगवानपुरिया ओसीजी की ओर से हिंसा की घटनाओं को अंजाम देने का आरोप है, जिनमें अपहरण और हमले शामिल हैं।’

और पढ़े  बाल-बाल बचे यूक्रेनी के राष्ट्रपति, विमान के पास पहुंचा अज्ञात ड्रोन

 

कितनी सजा हो सकती है? 
अमेरिकी अधिकारियों की ओर से आरोपित अधिकांश व्यक्तियों को संघीय जेल में 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की अनिवार्य न्यूनतम सजा है। वहीं, संघीय जेल में आजीवन कारावास की वैधानिक अधिकतम सजा का सामना करना पड़ सकता है।

 

कौन हैं जगगु भगवानपुरिया?
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, भगवानपुरिया गिरोह की शुरुआत पंजाब में 38 वर्षीय जगगु भगवानपुरिया के नेतृत्व में हुई थी, जो वर्तमान में भारत में जेल में बंद है। भगवानपुरिया, लॉरेंस बिश्नोई का पूर्व सहयोगी था, जो बाद में उसका प्रतिद्वंद्वी बन गया। बिश्नोई का गिरोह ऑपरेशन हार्ड बॉल में हुई गिरफ्तारियों का मुख्य केंद्र था।

 

 

भगवानपुरिया गिरोह में कितने सदस्य शामिल हैं?
वही, अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि भगवानपुरिया गिरोह में विश्व स्तर पर 1000 से अधिक सदस्य और सहयोगी हैं, जिनमें से 100 से अधिक अमेरिका में मौजूद हैं। इसके अलावा, यह समूह कनाडा, ब्रिटेन, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में भी सक्रिय माना जाता है।

 

गौरतलब है कि भगवानपुरिया गिरोह पर भारत में भ्रष्ट कानून प्रवर्तन अधिकारियों के साथ मिलकर पीड़ितों से जबरन वसूली करने का आरोप है। एक अहम मामले में, पंजाब पुलिस अधिकारी गुरिंदरजीत सिंह पर गिरोह के सहयोगी के रूप में काम करते हुए लॉस एंजिल्स स्थित एक परिवार से लगभग 400,000 डॉलर की मांग करने का आरोप है।

  • Related Posts

    ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका- मध्यावधि चुनाव से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति का बैन निरस्त, डाक मतपत्र मामले में क्या निर्णय?

    सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मेल मतपत्र प्रतिबंधों को फिलहाल खारिज कर दिया। इस निर्णय से राज्यों को अपनी पुरानी मेल मतपत्र प्रक्रियाओं को जारी रखने…

    मुंबई: 3400 करोड़ की संपत्ति वाले BJP विधायक क्यों बने भिखारी, लोगों ने कैसे पहचाना…

    महाराष्ट्र के सबसे अमीर भाजपा विधायकों में शुमार और करीब 3,400 करोड़ों की संपत्ति के मालिक पराग शाह अपने जैन गुरु के सुझाव पर वैभव, आराम और सुरक्षा को छोड़कर…