हल्द्वानी- मौत के मुहाने पर 150 परिवारों की जिंदगी, घर खाली करने के नोटिस के बावजूद लोग हटने के लिए तैयार नहीं

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जिला प्रशासन ने आपदा की स्थिति में जानमाल के खतरे की आशंका को देखते हुए रकसिया, कलसिया और देवखड़ी नाले के किनारे रह रहे 150 परिवारों को घर खाली करने के नोटिस भेजे हैं लेकिन एक पखवाड़े बाद भी लोग घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं और सैकड़ों जिंदगियां मौत के साये में हैं। अमर उजाला टीम नालों के पास खतरे की दस्तक जानने के लिए पहुंची। नालों के इर्द-गिर्द हालात चिंताजनक मिले। नाले उफान पर आए तो पानी कहर बनकर टूटेगा और नुकसान होना तय है।

बारिश आएगी तब देखेंगे
कलसिया नाले के किनारे खतरे के मुहाने पर रहने वाले मोहम्मद सलीम, केसर जहां व नासिर आदि का कहना है जब नाले का जलस्तर बढ़ने लगेगा तब देखेंगे क्या करना है। दमुवादूंगा में रकसिया नाले के किनारे रहने वाले मोहन सिंह, प्रताप और मोहनी देवी का कहना है कि इतना सामान लेकर कहां जाएं? प्रशासन घर खाली कराने के बजाय नालों में सुरक्षा इंतजाम कराए। देवखड़ी नाले से सटे वार्ड 36 निवासी चंद्र मोहन और हरीश चंद्र का कहना है पिछले साल आई आपदा के बाद राहत और बचाव का काम हुआ है। फिर भी हम अलर्ट हैं। जरूरत पड़ने पर अन्यत्र चले जाएंगे।

शिफ्टिंग में ये हैं सबसे बड़ी दिक्कतें
लोगों का कहना है कि प्रशासन स्कूल अथवा रैन बसेरे में अस्थायी व्यवस्था करता है। वहां एक व पूरे में तीन से चार परिवारों को ठहराया जाता है। अलग-अलग परिवारों का एक कमरे में रहना और वहां भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव दिक्कतों का कारण बनता है। वह कहते हैं कि दो-तीन माह के लिए कोई किराये पर कमरा नहीं देता है। कमरा मिल भी जाए तो किराया इतना अधिक होता है कि वह उसे वहन नहीं कर पाते।
नालों के आसपास बीते वर्षों में हुआ नुकसान

  • जुलाई 2024: मूसलाधार बारिश के बाद कलसिया और देवखड़ी नालों का पानी आसपास के कई घरों में घुस गया जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना पड़ा।
    • जुलाई 2024 : देवखड़ी नाले में बहने से एक युवक की जान चली गई थी।
    • अगस्त 2023: भारी बारिश के चलते कलसिया नाले का पानी घरों में घुसने से काफी नुकसान हुआ था।
    • सितंबर 2022 : मूसलाधार बारिश के कारण रकसिया नाले का बहाव तेज होने से छड़ायल
    • सुयाल में नाले की 30 मीटर दीवार ढहने के साथ सड़क का काफी हिस्सा बह गया था।
    • अगस्त 2021 : मानसून के दौरान एक ही हफ्ते में दो बार रकसिया और कलसिया नालों के उफनाने से भारी नुकसान हुआ था। दमुवादूंगा व काठगोदाम के बद्रीपुरा आदि इलाकों में घरों को खासा मुकसान पहुंचा था।
    • जुलाई 2020: रकसिया नाले के उफान पर आने से पानी व मलबा कॉलोनियों में घुस गया था जिससे लोगों की संपत्तियों का भारी नुकसान हुआ था

    नालों के किनारे रह रहे सभी लोगों को प्रारंभिक तौर पर सुरक्षित स्थानों पर चले जाने संबंधी नोटिस भेजे जा चुके हैं। अब संबंधित क्षेत्रों में मुनादी भी कराई जाएगी लोगों के जानमाल की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है। जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद से घर खाली कराकर वहां रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराया जाएगा। ललित मोहन रयाल, डीएम


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