गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार सुबह भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथ यात्रा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई। यात्रा का शुभारंभ मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पारंपरिक ‘पाहिंद विधि’ निभाकर किया। उन्होंने भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के तीनों रथों के आगे सोने की झाड़ू से मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई कर यात्रा का शुभारंभ किया। इस दौरान उनके साथ राज्य के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री भी मौजूद रहें।
मौसम विभाग ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट
ओडिशा के पुरी में लगातार हो रही भारी बारिश के बावजूद करीब दो लाख श्रद्धालु पहले पहुंच चुके हैं। मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए भी भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जारी की है। रथ यात्रा की पूर्व संध्या पर पुरी में 143.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसके चलते प्रशासन ने ग्रैंड रोड पर जलभराव से निपटने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं ताकि 12वीं शताब्दी के श्री जगन्नाथ मंदिर से लगभग 2.6 किलोमीटर दूर श्री गुंडिचा मंदिर तक रथों की यात्रा सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
सुदर्शन पटनायक ने रेत पर उकेरी महाप्रभु की भव्य आकृति
भगवान जगन्नाथ की पावन रथ यात्रा के शुभ अवसर पर ओडिशा के पुरी बीच पर प्रसिद्ध रेत कलाकार और पद्मश्री सम्मानित सुदर्शन पटनायक ने अपनी अनूठी कला से श्रद्धा अर्पित की। उन्होंने समुद्र तट की रेत पर महाप्रभु जगन्नाथ की भव्य आकृति के साथ 100 लघु रेत के रथ (मिनिएचर सैंड चैरियट) तैयार किए। उनकी इस आकर्षक कलाकृति ने रथ यात्रा के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया। पुरी बीच पर बनाई गई यह विशेष सैंड आर्ट श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी रही, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर इस अद्भुत कलाकृति का अवलोकन किया।
थयात्रा के लिए अहमदाबाद में 30 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात
डेढ़ किलोमीटर लंबी इस शोभायात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के तीन रथों के अलावा 18 सजे-धजे हाथी, करीब 100 झांकियां, लगभग 30 अखाड़े, धार्मिक मंडलियां और 20 से अधिक भजन मंडलियां शामिल हैं। सुरक्षा के लिए अहमदाबाद पुलिस, होमगार्ड और ट्रैफिक ब्रिगेड सहित लगभग 30 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें 10 डीआईजी/आईजी स्तर के अधिकारी, 42 एसपी/डीसीपी, 93 एसीपी, 303 पुलिस निरीक्षक और 673 सब-इंस्पेक्टर शामिल हैं। इसके अलावा राज्य रिजर्व पुलिस की 3,000 जवानों की टुकड़ी, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की पांच कंपनियां, सीमा सुरक्षा बल (BSF) की चार कंपनियां और चेतक कमांडो की तीन विशेष टीमें भी तैनात की गई हैं। यात्रा मार्ग पर करीब 3,700 सीसीटीवी कैमरे, 100 से अधिक ड्रोन कैमरे, 250 रूफटॉप निगरानी प्वाइंट और 250 डीप सर्विलांस प्वाइंट बनाए गए हैं। पुलिस 12 कंट्रोल रूम से लाइव निगरानी कर रही है, जबकि एआई आधारित वीडियो एनालिटिक्स से भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही 65 हजार से अधिक अपराधियों के फोटो फेस रिकग्निशन सिस्टम में अपलोड किए गए हैं ताकि संदिग्धों की तत्काल पहचान की जा सके। अनधिकृत ड्रोन पर नजर रखने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए दो एंटी-ड्रोन जैमिंग गन भी तैनात की गई हैं।