नेशनल पब्लिक सर्विस ट्रस्ट ने भाजपा सांसद के सगे भाई पर कई आरोप लगाए हैं। पुलिस को दी शिकायत में ट्रस्ट ने फर्जी नियुक्तियां, फर्जी चुनाव, 160 बीघा ग्राम समाज भूमि की कथित बिक्री, 1988 से बिना वैध लीज सरकारी भूमि पर कॉलेज-होटल व दुकानों का संचालन, करोड़ों की सरकारी धन निकासी, सरकारी अभिलेख गायब करने और राजनीतिक संरक्षण के आरोप लगाया है।
शिकायत के अनुसार, कॉलेज प्रबंधक आदेश कुमार एवं प्रबंध समिति ने लगभग 160 बीघा ग्राम समाज की शैक्षणिक भूमि, जिसका बाजार मूल्य लगभग 50 करोड़ बताया गया है, को कथित रूप से मात्र 7.42 करोड़ में हस्तांतरित कर अवैध आर्थिक लाभ प्राप्त किया गया। इसके अतिरिक्त वर्ष 1988 से बिना वैध लीज सरकारी भूमि पर कॉलेज का संचालन, उसी भूमि पर होटल, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं दुकानों का संचालन कर निजी लाभ अर्जित करने तथा सिंचाई विभाग की भूमि पर कथित अतिक्रमण के भी आरोप लगाए गए हैं।
पूरे प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए विधि विशेषज्ञ कृष्णकांत ने कहा कि यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सत्य पाए जाते हैं तो यह केवल एक शैक्षणिक संस्थान का मामला नहीं, बल्कि राज्य कोष, ग्राम समाज की सार्वजनिक संपत्ति एवं शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा अत्यंत गंभीर प्रकरण है। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर पूर्व में हुई जांचों के बावजूद यदि अब तक आपराधिक कार्रवाई नहीं हुई है तो इसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। संस्था ने कॉलेज प्रबंधक आदेश कुमार एवं प्रबंध समिति के विरुद्ध एसआईटी एवं विजिलेंस जांच, तत्काल एफआईआर, संबंधित बैंक खातों को फ्रीज करने, अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की जांच, सरकारी धन की वसूली तथा दोषियों के विरुद्ध विधि के अनुसार कठोर कार्रवाई की मांग की है।






