चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण में प्रदेश में जो 8.41 लाख मतदाताओं के वोट कटने का खतरा है, उनमें से शीर्ष-10 विधानसभा सीटों में काशीपुर पहले स्थान पर है। आयोग की अनकलेक्टेबल श्रेणी में यहां के सर्वाधिक 30 हजार वोट शामिल हैं।
जिलावार देखें तो 8,41,020 में से देहरादून में 1,90,815, ऊधमसिंह नगर में 1,82,162, अल्मोड़ा में 55,930, पौड़ी में 53,386, हरिद्वार में 1,31,047, नैनीताल में 72,083, टिहरी में 44,062, चंपावत में 17,827, चमोली में 23,631, उत्तरकाशी में 18,470, पिथौरागढ़ में 27,615, बागेश्वर में 13,090 और रुद्रप्रयाग में 10,902 मतदाता अनकलेक्टेबल श्रेणी में हैं। इनमें से कुल 1,24,278 मृतक मतदाता तो सीधे तौर पर हट जाएंगे। बाकी पर भी फैसला होगा।
शीर्ष-10 सर्वाधिक वोटर खतरे वाली सीटों में सात सीटें काशीपुर, धर्मपुर, ऋषिकेश, रायपुर, रुद्रपुर, सहसपुर और डोईवाला वर्तमान में भाजपा के पास हैं। वहीं, तीन बाजपुर, किच्छा और हल्द्वानी वर्तमान में कांग्रेस के पास हैं। इसकी जानकारी संबंधित राजनीतिक दलों को भी उपलब्ध कराई जा चुकी है।
किस विधानसभा में कितने मतदाता, कितने खतरे में
| विधानसभा | कुल मतदाता | खतरे में मतदाता |
| काशीपुर | 1,63,690 | 30,029 |
| बाजपुर | 1,59,468 | 29,655 |
| धर्मपुर | 1,76,112 | 29,460 |
| ऋषिकेश | 1,53,701 | 29,016 |
| किच्छा | 1,48,613 | 27,374 |
| रायपुर | 1,62,716 | 26,643 |
| हल्द्वानी | 1,40,199 | 20,935 |
| रुद्रपुर | 1,93,447 | 20,845 |
| सहसपुर | 1,81,797 | 20,681 |
| डोईवाला | 1,65,283 | 19,345 |








