अफगान सीमा पर PAK का बड़ा अभियान: 29 आतंकियों के मारे जाने का दावा, 10 जुलाई से अवैध अफगानियों पर भी कार्रवाई

Spread the love

पाकिस्तान ने रविवार को अफगानिस्तान सीमा से लगे इलाकों में बड़ा आतंकवाद विरोधी अभियान चलाने का दावा किया। पाकिस्तानी सरकार के अनुसार, खुफिया जानकारी के आधार पर पहले जमीनी अभियान चलाया गया, जिसके बाद आतंकियों के ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए गए। इस कार्रवाई में 29 आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया है।

 

अफगानिस्तान के तीन प्रांतों में भी हमले का दावा
तरार ने कहा कि इसके बाद खुफिया जानकारी के आधार पर अफगानिस्तान के पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में स्थित आतंकियों के ठिकानों पर सटीक हमले किए गए। इन हमलों में 25 आतंकवादी मारे गए और बड़ी मात्रा में हथियार व गोला-बारूद नष्ट कर दिया गया। पाकिस्तान का कहना है कि यह कार्रवाई जमात-उल-अहरार और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाकर की गई। पाकिस्तान टीटीपी को फितना अल-खवारिज कहता है।

 

कराची हमले के बाद तेज हुई कार्रवाई
यह अभियान ऐसे समय हुआ है, जब एक दिन पहले कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के क्षेत्रीय मुख्यालय पर हथियारबंद आतंकियों ने हमला किया था। इस हमले में तीन सैनिकों की मौत हो गई थी। सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई में तीन आतंकियों को मार गिराया और एक घायल हमलावर को गिरफ्तार किया, जिसकी पहचान अफगान नागरिक के रूप में की गई। इस हमले की जिम्मेदारी जमात-उल-अहरार ने ली है।

टीटीपी पर पाकिस्तान का आरोप
पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान में पुलिस और सुरक्षा बलों पर आतंकी हमलों में तेजी आई है। पाकिस्तान इन हमलों के लिए तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और उससे जुड़े संगठनों को जिम्मेदार ठहराता है। इस्लामाबाद का आरोप है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार टीटीपी के लड़ाकों को अपने यहां शरण देती है और वे वहीं से पाकिस्तान में हमले करते हैं। हालांकि काबुल इन आरोपों से लगातार इनकार करता रहा है।

और पढ़े  अमित शाह पहुंचे उदयपुर, CM भजनलाल ने की अगवानी, आज निम्बाहेड़ा में 12 हजार करोड़ से अधिक की सौगात

 

10 जुलाई से अवैध अफगान नागरिकों पर कार्रवाई
इस बीच, पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने देशभर में रह रहे अवैध विदेशी नागरिकों, विशेष रूप से बिना वैध वीजा वाले अफगान नागरिकों के खिलाफ अभियान चलाने का आदेश दिया है। मंत्रालय ने सभी चार प्रांतों के मुख्य सचिवों, पुलिस महानिदेशकों (आईजीपी) और इस्लामाबाद प्रशासन को निर्देश दिया है कि 10 जुलाई से अवैध अफगान नागरिकों को गिरफ्तार किया जाए। इसके तहत अवैध विदेशियों की स्वदेश वापसी की योजना (IFRP) को सख्ती से लागू किया जाएगा।

सरकार ने सभी प्रांतीय अधिकारियों से कहा है कि वे 11 जुलाई से हर दिन गिरफ्तारी और कार्रवाई की रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजें। सरकार ने इस अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सभी संबंधित विभागों को प्रभावी ढंग से इसे लागू करने का निर्देश दिया है।


Spread the love
  • Related Posts

    राहुल गांधी का दावा: PM मोदी का शासन आखिरी दौर में, उत्तराधिकारी की तलाश शुरू हुई

    Spread the love

    Spread the loveलोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कांग्रेस कार्य समिति यानी सीडब्ल्यूसी की बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शासन ‘अंतिम दौर’ में…


    Spread the love

    आज 35 साल बाद बांग्लादेश में राष्ट्रपति चुनाव: किसका किससे है मुकाबला, कौन दौड़ में सबसे आगे? जानिए समीकरण

    Spread the love

    Spread the loveबांग्लादेश में आज नए राष्ट्रपति का चुनाव होने वाला है। सत्तारूढ़ बीएनपी के बड़े नेता मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर इस चुनाव में सबसे आगे माने जा रहे हैं।…


    Spread the love