रूस की दो तेल रिफाइनरियों पर यूक्रेन का ड्रोन हमला, पुतिन ने पहली बार मानी ईंधन की कमी

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यूक्रेन ने रूस पर अपने लंबी दूरी के ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं। रविवार को यूक्रेन ने रूस के दक्षिणी हिस्से में स्थित एक बड़े तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया, जिससे वहां आग लग गई। इस बीच, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पहली बार माना कि देश में ईंधन की कमी हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार तेल संयंत्रों की सुरक्षा बढ़ाएगी, ईंधन उत्पादन तेज करेगी और जरूरत पड़ने पर आयात भी बढ़ाएगी। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने दावा किया कि यूक्रेन के ड्रोन हमलों में रूस की दो तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि हर सफल हमला रूस की युद्ध क्षमता को कमजोर करता है और शांति की दिशा में एक कदम है।

रूस में बढ़ी ईंधन की किल्लत
यूक्रेन कई महीनों से रूस के ऊर्जा ठिकानों और तेल रिफाइनरियों को निशाना बना रहा है। इन हमलों का असर अब रूस में साफ दिखाई देने लगा है। कई क्षेत्रों में पेट्रोल और डीजल की कमी हो गई है। पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं और कई जगह ईंधन की खरीद पर सीमा तय कर दी गई है। रूस के साइबेरिया स्थित इरकुत्स्क क्षेत्र में सरकारी तेल कंपनी के पेट्रोल पंपों पर एक वाहन को प्रतिदिन अधिकतम 50 लीटर ईंधन ही देने का फैसला किया गया है। रूस के उपप्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक ने भी कहा कि घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए ईंधन निर्यात समझौतों की समीक्षा की जा रही है।

पुतिन बोले- हमलों से युद्ध पर असर नहीं
पुतिन ने कहा कि यूक्रेन का मकसद रूस के भीतर असंतोष पैदा करना और रूसी सेना की बढ़त रोकना है। हालांकि उन्होंने दावा किया कि इन हमलों का मोर्चे पर लड़ाई पर कोई असर नहीं पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन ने रूस से गहरे इलाकों पर हमले रोकने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन रूस ने इसे ठुकरा दिया। पुतिन के मुताबिक यूक्रेन चाहता था कि लड़ाई केवल उन चार क्षेत्रों तक सीमित रहे, जिन पर रूस ने कब्जे का दावा किया है, लेकिन रूस को आशंका थी कि इससे यूक्रेन अपनी सेना को अन्य मोर्चों से हटाकर इन इलाकों में तैनात कर देगा।
तेल रिफाइनरी में लगी आग
रूस के क्रास्नोडार क्षेत्र के स्लाव्यांस्क-ना-कुबानी स्थित बड़ी तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमले के बाद आग लग गई। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन के मलबे के गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। यह रिफाइनरी हर साल करीब 40 लाख टन कच्चे तेल का प्रसंस्करण करती है और यहां से काला सागर के बंदरगाहों के जरिए पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात होता है। जेलेंस्की ने यह भी दावा किया कि रूस के यारोस्लाव क्षेत्र की एक और रिफाइनरी पर भी हमला किया गया, हालांकि रूसी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
दोनों देशों के बीच हमले जारी
रूस ने भी यूक्रेन पर अपने हवाई हमले जारी रखे। यूक्रेन के दक्षिणी शहर जापोरिज्जिया पर रूसी बमबारी में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 16 लोग घायल हुए, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने रातभर में 213 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए। वहीं यूक्रेन की वायुसेना का कहना है कि रूस ने रातभर में 142 ड्रोन और आठ मिसाइलें दागीं, जिनमें से 125 ड्रोन और सात मिसाइलों को नष्ट कर दिया गया।

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