पूर्वोत्तर में बारिश बनी आफत: असम में पुल बहा, अरुणाचल में भूस्खलन से हालात बिगड़े, कई इलाकों का संपर्क टूटा

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पूर्वोत्तर भारत में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। असम में बाढ़ के तेज बहाव में 300 मीटर लंबा लोहे का पुल बह गया, जिससे कई इलाकों का संपर्क टूट गया। वहीं, अरुणाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क धंसने की घटनाओं से राष्ट्रीय राजमार्ग-13 के कई हिस्सों में यातायात बाधित हो गया है।

300 मीटर लंबा लोहे का पुल बहा
असम के धेमाजी जिले में रविवार को केमी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से केमी और ओयान को जोड़ने वाला करीब 300 मीटर लंबा लोहे का पुल बह गया। पुल के बहने से केमी-पुराना जेलोम क्षेत्र का जोनाई सदर से सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश से भारी मात्रा में पानी आने के बाद नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और कुछ ही देर में पुल तेज बहाव में समा गया। बताया जा रहा है कि इस पुल का निर्माण करीब एक वर्ष पहले ही किया गया था।

पुल टूटने से क्षेत्र के विद्यार्थियों और किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी पार स्थित विद्यालय तक पहुंचने का यही प्रमुख रास्ता था। परीक्षाएं नजदीक होने के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है। वहीं, खेती के मौसम में किसानों के लिए खेतों तक पहुंचना भी चुनौती बन गया है। स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि पुल निर्माण के समय उन्होंने लोहे के बजाय स्थायी कंक्रीट पुल बनाने की मांग की थी।
कई हिस्सों में भूस्खलन
उधर, अरुणाचल प्रदेश में लगातार बारिश के चलते पसीघाट-पांगिन मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग-13 के कई हिस्सों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और सड़क धंसने की घटनाएं सामने आई हैं। रेंगिंग और येंबुंग के बीच कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ है।

कई लोगों की मौत
अरुणाचल प्रदेश में बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ के बाद तलाशी एवं बचाव अभियान में पापुम पारे जिले में एक और शव मिलने के साथ ही मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। राज्य के कई अन्य हिस्सों में भी लगातार बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन की खबरें हैं, जिससे घर जलमग्न हो गए हैं और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। स्थानीय प्रशासन ने बचाव और निकासी अभियान शुरू किया है।

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प्रशासन ने सड़कों से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर अभियान शुरू किया है, लेकिन लगातार बारिश के कारण राहत कार्यों में बाधा आ रही है।राज्य सरकार ने लोगों से अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करने और भूस्खलन संभावित इलाकों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि हालात सामान्य होने तक संवेदनशील मार्गों पर सतर्कता बरती जाए और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन किया जाए।

मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की सलाह दी है।

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