शादियों में घोड़ी, बग्घी, लग्जरी कारों और चमक-दमक का दौर आम बात है, लेकिन लखीमपुर खीरी के एक युवक ने अपनी शादी को केवल एक पारिवारिक समारोह नहीं रहने दिया, बल्कि इसे पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचन का संदेश देने का माध्यम बना दिया। उसकी अनोखी बरात पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई।
बिजुआ ब्लॉक के ग्राम इटकुटी के मजरा सरदार टांडा निवासी किसान बहादुर सिंह के पुत्र राजेश सिंह शुक्रवार को अपनी दुल्हन ममता को लेने रंग-बिरंगे फूलों से सजे 20 ई-रिक्शों से बरात लेकर निकले। करीब 150 बराती इस अनोखी बारात में शामिल हुए। लगभग 10 किलोमीटर का सफर तय करती यह बरात जहां-जहां से गुजरी, वहां लोगों की भीड़ जुट गई। ग्रामीण घरों से बाहर निकल आए और कई लोगों ने इस अनोखे नजारे को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा किया।
बरात में ई-रिक्शों की लंबी कतार
सबसे आगे दूल्हा राजेश सिंह ई-रिक्शा पर सवार थे, जबकि उनके पीछे बरातियों से भरे ई-रिक्शों की लंबी कतार चल रही थी। बिना धुएं और बिना धूम धड़ाके वाली इस बरात ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कई लोगों ने इसे बदलते दौर की नई और प्रेरणादायक सोच बताया।









