हरिद्वार नगर निगम की विवादित भूमि खरीद का मामला अब उत्तराखंड के सबसे बड़े प्रशासनिक विवादों में शामिल हो चुका है। करीब 54 करोड़ रुपये में खरीदी गई भूमि को लेकर उठे सवालों ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को जांच के दायरे में ला दिया।
सितंबर 2024 में नगर निगम ने कूड़ा निस्तारण परियोजना के लिए सराय क्षेत्र में भूमि खरीद की प्रक्रिया शुरू की। कुछ ही महीनों में भूमि का मूल्यांकन कर खरीद प्रस्ताव को मंजूरी दी गई और करोड़ों रुपये का भुगतान कर रजिस्ट्री संपन्न कराई गई। बाद में शिकायतें सामने आईं कि भूमि का वास्तविक मूल्य काफी कम था और उसका चयन भी सवालों के घेरे में था।
दो आईएएस और 12 आधिकारी निलंबित
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जांच के निर्देश दिए। प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद जून 2025 में दो आईएएस अधिकारियों समेत 12 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही विजिलेंस को विस्तृत जांच सौंपी गई।








