Bihar: BJP विधायक राजू सिंह की जाएगी सदस्यता? जानें कितने साल की हो सकती है सजा, पढ़ें मामला…

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नीतीश कुमार सरकार में भारतीय जनता पार्टी कोटे से पर्यटन मंत्री रहे राजू सिंह को दिल्ली की एक अदालत ने हिरासत में लेने का आदेश दिया है। 2019 में दिल्ली में न्यू ईयर पार्टी के दौरान हर्ष फायरिंग के दौरान एक महिला डॉक्टर की मौत के मामले में उन्हें गैर-इरादतन हत्या का दोषी करार दिया है। कानून के विशेषज्ञों का मानना है कि अगर विधायक राजू सिंह को दो साल से अधिक की सजा होती है तो उनकी विधायिकी खत्म हो जाएगी। उन्हें ऊपर गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट का केस है। कोर्ट ने उन्हें दोषी भी मान कर फौरन गिरफ्तार करने का भी आदेश दिया है।

 

पटना हाईकोर्ट के वकील आलोक आनंद ने कहा कि गैर-इरादतन हत्या IPC की धारा 304 (पार्टी 2) के तहत अगर दोष सिद्ध होता है तो सात साल या इससे अधिक अवधि की सजा हो सकती है। हालांकि, अंतिम निर्णय कोर्ट के विवेक पर ही निर्भर करेगा। अगर विधायक राजू सिंह को दो साल से अधिक की भी सजा होती है तो ‘लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951’ कहता है कि दो साल से अधिक की सजा मिलने वाले जन प्रतिनिधि को अयोग करार दे दिया जाए। हालांकि, उन्हें हाईकोर्ट में अपील करने का अधिकार है लेकिन इससे सदस्यता बच नहीं सकती है। दोषसिद्धि या सजा पर जब तक सक्षम न्यायालय से रोक लग जाएगा तो स्थिति राजू सिंह के पक्ष में कुछ बेहतर हो सकती है।

 

बाहुबली अनंत सिंह की गई थी विधायिकी

उदाहरण के तौर पर देखें तो बाहुबली नेता और मोकामा के वर्तमान विधायक अनंत सिंह को 2022 में एमपी-एमएलए कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई थी। उस वक्त वह राजद में थे और मोकामा से विधायक थे। सजा होने के कारण उनकी विधायकी रद्द कर दी गई थी। यह मामला भी कुछ ऐसा ही है। अगर राजू कुमार सिंह को दो साल से भी ऊपर की सजा सुनाई जाती है तो विधानसभा सचिवालय उनकी सदस्यता खत्म करने का आदेश जारी कर सकता है।

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जानिए पूरा मामला?

31 दिसंबर 2018 को दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में आयोजित एक न्यू ईयर पार्टी के दौरान हर्ष फायरिंग हुई थी। इसमें डॉ. अर्चना गुप्ता को गोली लग गई थी। गोली लगने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी। मामला दर्ज हुआ। राउज एवेन्यू कोर्ट में लगातार सुनवाई हुई। छह जून 2026 को कोर्ट ने राजू सिंह को गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के तरह दोषी मान लिया। हालांकि इस मामले में राजू सिंह की पत्नी रेणु सिंह, राणा राजेश सिंह और रमेंद्र सिंह को सभी आरोपों से बरी कर दिया था।


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