बिहार: परिचारी अभ्यर्थियों का आंदोलन, सीएम हाउस की ओर बढ़ रहे, जेपी गोलंबर पर पुलिस ने रोका तो करने लगे हंगामा

पटना में मंगलवार को बिहार परिचारी संघ के अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे है। बिहार कार्यालय परिचारी (विशिष्ट) समूह-‘घ’ के अभ्यर्थियों ने गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से मुख्यमंत्री आवास यानी लोक सेवक आवास तक मार्च निकाला। हालांकि, पटना पुलिस ने इनलोगों को जेपी गोलंबर के पास ही रोक दिया। इसके बाद परिचारी अभ्यर्थी आक्रोशित हो गए। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। कहने लगे कि पिछले कई दिनों से हमलोग गर्दनीबाग पर आमरण अनशन कर रहे हैं लेकिन सरकार हमलोगों की मांग पर ध्यान नहीं दे रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्षों से नियुक्ति का इंतजार कर रहे योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। प्रदर्शनकारियों का मार्च गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से शुरू होकर जेपी गोलंबर, डाकबंगला, तारामंडल और इनकम टैक्स गोलंबर होते हुए बिहार म्यूजियम के रास्ते मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचने के लिए निकाला गया।

9,719 योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति की मांग
परिचारी अभ्यर्थियों का कहना है कि बिहार के 28 जिलों में कार्यालय परिचारी/परिचारी (विशिष्ट) समूह-‘घ’ के पदों पर नियुक्ति के लिए करीब 14-15 वर्ष पहले विज्ञापन जारी किया गया था। इसमें हजारों अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। मांग पत्र के अनुसार, विभिन्न प्रशासनिक और न्यायिक कारणों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी नियुक्ति से वंचित रह गए।  इसके बाद बिहार कर्मचारी चयन आयोग की ओर से 15 सितंबर 2024 को आठवीं स्तर और 19 सितंबर 2024 को दसवीं स्तर की प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें पूर्व के योग्य 10,784 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। मांग पत्र में बताया गया है कि परीक्षा पूरी होने के बाद भी करीब 9,719 योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति लंबित है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्षों से नियुक्ति का इंतजार करने के कारण उनकी उम्र बढ़ती जा रही है और वे नई वैकेंसी में भी शामिल होने की स्थिति में नहीं हैं।
जिलावार नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की मांग
परिचारी अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि बिहार कर्मचारी चयन आयोग, पटना और राज्य के संबंधित 28 जिलों के जिला पदाधिकारियों को आवश्यक स्पष्ट आदेश-निर्देश जारी किया जाए। इसके माध्यम से शेष 9,719 योग्य अभ्यर्थियों की अनुशंसा कर जिलावार नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग की गई है। मांग पत्र में कहा गया है कि कई अभ्यर्थियों की आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है और उनके परिवार का भविष्य इस नियुक्ति पर निर्भर है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मामले पर मानवीय और न्यायोचित दृष्टिकोण अपनाते हुए जल्द सकारात्मक पहल करने की अपील की है।
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