Fire: अग्निकांड के बाद दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने माना प्रक्रिया कागजों में सिमटी, कार्रवाई का दावा

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दिल्ली सरकार के गृह मंत्री आशीष सूद ने मालवीय नगर हादसे को लेकर कहा है कि अधिकारियों की नाक के नीचे अवैध गतिविधियां चल रही हैं और वे हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। नियमों के अनुसार कार्रवाई केवल कागजों में सिमटी हुई है। उन्होंने कहा है कि पूरी दिल्ली में जहां भी ऐसी अवैध गतिविधियां चल रही हैं, वहां तत्काल कार्रवाई होगी।

मालवीय नगर के हौजरानी इलाके में बुधवार सुबह लगी भीषण आग के बाद दिल्ली में चल रहे अवैध गेस्ट हाउस और होम स्टे संचालन पर बड़ा प्रशासनिक एक्शन शुरू हो गया है। घटना के बाद दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने मौके का निरीक्षण किया और जिला प्रशासन को 24 घंटे के भीतर पूरे इलाके का जमीनी सर्वे पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब चेतावनी या सुधार का समय समाप्त हो चुका है। अब केवल सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

मंत्री ने डीएम, एमसीडी और अन्य संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया है कि बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) स्कीम के तहत नियमों का उल्लंघन कर चल रहे सभी होटल, गेस्ट हाउस और रेस्तरां पर तुरंत कार्रवाई की जाए। आदेश में कहा गया है कि जिन प्रतिष्ठानों ने अनुमति से अधिक यानी 6 कमरों से ज्यादा का व्यवसायिक विस्तार कर रखा है, उन्हें किसी प्रकार का कारण बताओ नोटिस देने के बजाय सीधे सील किया जाएगा। इसके साथ ही बिजली और पानी के अवैध कनेक्शन भी तत्काल काटने के निर्देश दिए गए हैं।

 

एकल प्रवेश-निकास वाले भवन ‘नो गो जोन’ घोषित
मंत्री ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि जिन भवनों में बीएंडबी लाइसेंस होने के बावजूद केवल एक ही प्रवेश और निकास मार्ग है, उन्हें तत्काल प्रभाव से सील किया जाए। फायर विभाग के अधिकारियों ने प्रारंभिक निरीक्षण में स्वीकार किया है कि हौजरानी क्षेत्र में लगभग हर घर में इस स्कीम के तहत होम स्टे या रेस्तरां संचालित हो रहे हैं, जबकि अधिकांश के पास फायर एनओसी उपलब्ध नहीं है।

बीएंडबी स्कीम पर सवाल, सुरक्षा मानकों की अनदेखी उजागर
बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) योजना को वर्ष 2010 में राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान पर्यटकों की सुविधा के लिए लागू किया गया था। इसके तहत आवासीय घरों में सीमित संख्या में कमरों के साथ होम स्टे की अनुमति दी गई थी और प्रक्रिया को सरल रखा गया था। अधिकारियों के अनुसार इस छूट का व्यापक दुरुपयोग हुआ है। दिल्ली में 1000 से अधिक ऐसे प्रतिष्ठान संचालित होने की आशंका है, जहां नियमों की अनदेखी कर 6 से अधिक कमरे बनाए गए हैं और आवश्यक अग्नि सुरक्षा मानकों को लागू नहीं किया गया।

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आग के कारणों की जांच तेज, ओवरलोडिंग की आशंका
फायर विभाग फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच कर रहा है। प्राथमिक जांच में बिजली के ओवरलोडिंग की आशंका पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि कारणों की विस्तृत जांच रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर प्रस्तुत की जाए। मौके पर जिलाधिकारी, एमसीडी कमिश्नर और स्थायी समिति की अध्यक्ष सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उन्हें निर्देश दिया गया है कि जांच के साथ-साथ तुरंत कार्रवाई शुरू की जाए, ताकि ऐसे अवैध संचालन पर प्रभावी रोक लगाई जा सके और भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।


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