विदेश मंत्रालय (MEA) ने गुरुवार को बताया कि म्यांमार के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग 30 मई से 3 जून 2026 तक भारत की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर आएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रही यह यात्रा राष्ट्रपति मिन की मौजूदा पद पर भारत की पहली यात्रा होगी। उनके साथ कई कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और कारोबारी नेताओं का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आएगा।
आईबीसीए सम्मेलन टलने के बावजूद कर रहे भारत यात्रा
राष्ट्रपति मिन पहले 1 जून को होने वाले इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस (IBCA) शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले थे, लेकिन अफ्रीकी महाद्वीप के कुछ देशों में इबोला वायरस के प्रकोप के कारण चौथे भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन को स्थगित कर दिया गया। चूंकि IBCA सम्मेलन भी इसी आयोजन के साथ प्रस्तावित था, इसलिए उसे भी टाल दिया गया। इसके बावजूद म्यांमार के राष्ट्रपति अब भारत की आधिकारिक यात्रा पर आएंगे।
पीएम मोदी के साथ करेंगे द्विपक्षीय वार्ता
विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, राष्ट्रपति मिन 1 जून को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेता भारत और म्यांमार के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा राष्ट्रपति एक बिजनेस फोरम में भी हिस्सा लेंगे।
भारत के दौरे में कहां-कहां जाएंगे राष्ट्रपित मिन?
अपने दौरे के दौरान राष्ट्रपति मिन 30 मई को बिहार के बोधगया जाएंगे, जहां वे धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के स्थलों का दौरा करेंगे। इसके बाद 2 जून को वह मुंबई पहुंचेंगे, जहां उद्योग और व्यापार जगत से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के साथ-साथ विभिन्न औद्योगिक स्थलों का दौरा करेंगे।
क्यों है राष्ट्रपति मिन की यात्रा अहम?
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत की नेबरहुड फर्स्ट, एक्ट ईस्ट और महासागर (MAHASAGAR) नीति में म्यांमार का विशेष महत्व है। ऐसे में यह यात्रा दोनों देशों के बहुआयामी संबंधों को और गहरा तथा मजबूत बनाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अप्रैल 2026 में विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह म्यांमार गए थे और राष्ट्रपति मिन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे। उस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति से मुलाकात कर द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई थी। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से राष्ट्रपति मिन को पदभार संभालने पर बधाई संदेश भी सौंपा था। अब राष्ट्रपति की भारत यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों को नई गति देने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।








