पिता आनंद कुमार के साथ मीटिंग में पहुंचे आकाश, मायावती के पैर छुए, पर प्रदेश की जिम्मेदारी से रखा गया दूर

Spread the love

सपा की समीक्षा बैठक में आकाश आनंद की वापसी की खूब चर्चा रही। वह मायावती के साथ बैठक में पहुंचे और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया, लेकिन यूपी की राजनीति में उनकी जिम्मेदारी को लेकर मायावती ने कुछ नहीं कहा। इससे यूपी में फिलहाल आकाश की वापसी के आसार नहीं दिख रहे हैं। वहीं, पार्टी के खराब प्रदर्शन के बीच अब बसपा के भीतर युवाओं को आगे लाने की मांग तेज हो रही है। बैठक में आकाश के साथ उनके पिता आनंद कुमार भी आए थे।

 

बसपा ने हाल ही में पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में तामिलनाडु, केरल और पश्चिम बंगाल में किस्मत आजमाई थी, लेकिन तीनों राज्यों में उसका वोट बैंक घटकर आधा रह गया। इन राज्यों की जिम्मेदारी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के पास थी। आकाश को केवल चंद जनसभाएं करने भेजा गया था। इसके बाद यूपी चुनाव के मद्देनजर आकाश की लगातार मांग हो रही है। बसपा सुप्रीमो ने आकाश को देश भर में संगठन के विस्तार की जिम्मेदारी दी है। यूपी और उत्तराखंड में बसपा का खासा जनाधार है जो आकाश की सियासी सफलता की वजह बन सकता है। इसके बावजूद बसपा सुप्रीमो ने बैठक में यूपी चुनाव में आकाश की भूमिका पर कुछ नहीं कहा। उनके मई में प्रस्तावित चुनाव प्रचार अभियान का आगाज भी मायावती को करना था, इस बारे में भी उन्होंने चुप्पी साधे रखी। 

युवाओं की टीम जरूरी

पार्टी के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों का मानना है कि यूपी चुनाव की जिम्मेदारी पूरी तरह आकाश को सौंप देनी चाहिए। मायावती अब ज्यादा चुनावी दौरे नहीं करती हैं। आकाश और उनसे जुड़े युवाओं की टीम माहौल बना सकती है। प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल तो सक्रिय रहते हैं लेकिन अन्य पदाधिकारी चुनावी तैयारियों को लेकर उदासीन हैं। अब मायावती को यूपी और उत्तराखंड को लेकर आकाश पर भरोसा करना होगा तभी पार्टी को कुछ सफलता मिल सकती है।

और पढ़े  बड़ी कार्रवाई: दिल्ली-यूपी-पंजाब में कई ठिकानों पर ED की छापेमारी, 450 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी का मामला

चर्चा में रही होर्डिंग

समीक्षा बैठक के दौरान बसपा कार्यालय के बाहर लगी एक होर्डिंग की खासी चर्चा रही। इस पर मायावती का संदेश लिखा था, जिस समाज का इतिहास नहीं होता है, वह समाज कभी शासक नहीं बन पाता है। इतिहास से प्रेरणा मिलती है, प्रेरणा से जागृति आती है, जागृति से सोच बनती है, सोच से ताकत बनती है, ताकत से शक्ति बनती है और शक्ति से शासक बनता है।


Spread the love
  • Related Posts

    अयोध्या- उज्जैनिया पट्टी के श्रीमहंत बनने के बाद महंत संदीप दास महाराज की पहली गुरु पूर्णिमा

    Spread the love

    Spread the love      गुरु-शिष्य परंपरा के महापर्व गुरु पूर्णिमा पर धर्मनगरी अयोध्या आज पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहेगी। इस वर्ष का गुरु पूर्णिमा महोत्सव विशेष रूप…


    Spread the love

    गोरखपुर: गुरु पूर्णिमा पर गोरखनाथ मंदिर पहुंचे महंत हेमंत दास, सीएम योगी से भेंट कर अर्पित की हनुमान जी की प्रतिमा

    Spread the love

    Spread the love      गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर अयोध्या की पवित्र संत परंपरा का प्रतिनिधित्व करते हुए श्रृंगी ऋषि पीठाधीश्वर एवं श्री हनुमानगढ़ी के वरिष्ठ पुजारी महंत…


    Spread the love