UP- कल के बाद कभी भी हो सकता है BJP संगठन पर बड़ा फैसला, आज दिल्ली में हो सकती है निर्णायक बैठक

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भाजपा प्रदेश संगठन में बदलाव को लेकर चल रही बैठकों का दौर अभी दो दिन और चलेगा। इसी कड़ी में शनिवार को भी बैठक होनी थी, लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नवीन की गैर मैजूदगी की वजह से यह बैठक एक दिन और टल गई है। हालांकि बेंगलुरू और गाजियाबाद के कार्यक्रमों से खाली होकर दिल्ली पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े के साथ उनके आवास पर दो घंटे से अधिक समय तक यूपी संगठन की सूची को लेकर मंथन जरूर किया। सूत्रों का कहना है अब रविवार को होने वाली बैठक में सूची पर अंतिम मुहर लग सकती है। इसे सोमवार या मंगलवार को जारी किया जा सकता है।

 

बता दें कि प्रदेश स्तर पर संगठन में महामंत्री, उपाध्यक्ष मंत्री के अलावा प्रवक्ता, मीडिया और युवा, अल्पसंख्यक और किसान मोर्चा के अध्यक्षों के साथ ही छह क्षेत्रीय अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर लखनऊ से लेकर दिल्ली तक कई दौर की बैठकें हो चुकी है। प्रस्तावित नामों की सूची पर अंमित मुहर लगवाने के लिए प्रदेश अध्यक्ष और महामंत्री संगठन पिछले तीन दिनों से दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। 

अमित शाह से लगा रहे हैं सिफारिश

दरअसल संगठन तमाम पदाधिकारी पिछले एक दशक से कब्जा जमाए हुए हैं और कई पदाधिकारियों की छवि को लेकर गंभीर सवाल भी उठते रहे हैं। इसे देखते हुए प्रदेश नेतृत्व ऐसे सभी पुराने पदाधिकारियों को बदलने का फैसला किया है, लेकिन कई बड़े नेता अपने-अपने चहेतों को दोबारा संगठन में बनाए रखने और पदोन्नति दिलाने को लेकर जोर लगाए हुए हैं, इस वजह से सहमति नहीं बन रही है।

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सूत्रों का कहना है कि कई नेताओं ने अपने चहेतों के बारे में गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से सिफारिश करा रहे हैं। जबकि प्रदेश नेतृत्व उन नामों पर सहमत नहीं है, इस वजह से अंतिम निर्णय नहीं हो पा रहा है। प्रदेश के अलावा खासतौर से क्षेत्रीय अध्यक्षों और मोर्चों के पदाधिकारियों को लेकर अभी पेंच फंसा हुआ है।

क्षेत्रीय अध्यक्ष और मोर्चों पर भी जिद

संगठन के मुख्य पदाधिकारियों के अधिकांश नामों पर तो सहमति बन गई है, कुछ नामों पर जिद कायम है। ऐसे ही क्षेत्रीय अध्यक्षों को बदलने और उनको समायोजित करने को लेकर भी सहमति नहीं बन पाई है। जबकि केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश नेतृत्व से विभिन्न अनुषांगिक मोर्चों के अध्यक्षों के नाम भी मांगे हैं। इन पदों पर भी दावेदारों की भारी भीड़ ने मामला उलझा दिया है। सूत्रों का कहना है कि रविवार या सोमवार तक सभी अनुषांगिक संगठनों के अध्यक्षों और अन्य पदाधिकारियों की सूची को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।


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