सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और डॉक्टरों की संवेदनहीनता को देख विधायक काजी निजामुद्दीन का पारा चढ़ गया। विधायक जब अस्पताल पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए। एक मरीज प्राथमिक उपचार के अभाव में घंटों से जमीन पर तड़प रहा था जबकि अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारी और केंद्र प्रभारी अपनी ड्यूटी से नदारद मिले।
पूर्व पालिकाध्यक्ष चौधरी इस्लाम ने बताया कि एक मरीज को उपचार के लिए मंगलौर सीएचसी लाया गया था। आरोप है कि अस्पताल में स्टाफ की मौजूदगी के बावजूद मरीज को न तो बेड नसीब हुआ और न ही उसे समय पर फर्स्ट एड दिया गया। दर्द से बेहाल मरीज अस्पताल के फर्श पर ही पड़ा रहा। जब इसकी सूचना कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन को मिली तो वह तुरंत मौके पर पहुंचे।
अस्पताल पहुंचते ही विधायक ने जब मरीज को जमीन पर पड़ा देखा तो उन्होंने वहां मौजूद स्टाफ को जमकर फटकार लगाई। विधायक ने जब केंद्र प्रभारी के बारे में पूछा तो पता चला कि वह भी अपनी सीट पर मौजूद नहीं थे। विधायक के तीखे तेवरों को देखते हुए अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। विधायक ने तत्काल उच्चाधिकारियों से संपर्क कर अस्पताल की अव्यवस्थाओं की शिकायत की और लापरवाह कर्मचारियों व नदारद प्रभारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
यह बेहद शर्मनाक है कि सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही है लेकिन धरातल पर मरीज जमीन पर तड़पने को मजबूर है। अस्पताल प्रभारी का अनुपस्थित रहना और गंभीर मरीज को उपचार न मिलना सिस्टम की विफलता है। – काजी निजामुद्दीन, कांग्रेस विधायक, मंगलौर
अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे के अनुसार कोई मरीज चार घंटे से जमीन पर नहीं था। विधायक और पूर्व चेयरमैन को भ्रमित किया गया है।
-डाॅ. गंभीर सिंह तालियान, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मंगलौर







