ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच आसमान छूती ईंधन की कीमतों ने अमेरिकी जनता की कमर तोड़ दी है। इस संकट से निपटने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक बड़ा एलान किया। उन्होंने कहा कि वे अमेरिकी नागरिकों को राहत देने के लिए संघीय गैस टैक्स को निलंबित करने की दिशा में कदम उठाने जा रहे हैं। गौरतलब है कि युद्ध शुरू होने से पहले गैस की औसत कीमत लगभग तीन डॉलर यानी 283.71 रुपये प्रति गैलन थी, जो अब 50 फीसदी बढ़कर 4.52 डॉलर यानी 427.46 रुपये प्रति गैलन तक पहुंच चुकी है।
संसद की मंजूरी होगी अनिवार्य
राष्ट्रपति ट्रंप इस टैक्स को हटाना चाहते हैं, लेकिन वे इसे अकेले लागू नहीं कर सकते। संघीय कानून के अनुसार, गैस टैक्स को निलंबित करने के लिए अमेरिकी कांग्रेस-संसद की मंजूरी अनिवार्य है। राहत की बात यह है कि दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों के सांसद इस प्रस्ताव का समर्थन कर रहे हैं। उनका मानना है कि दैनिक कार्यों, स्कूल और दफ्तर के लिए निजी वाहनों पर निर्भर परिवारों और व्यवसायों को इससे तत्काल वित्तीय राहत मिलेगी।
राजस्व और वर्तमान टैक्स का गणित
वर्तमान में संघीय सरकार पेट्रोल पर 18.4 सेंट और डीजल पर 24.4 सेंट प्रति गैलन टैक्स वसूलती है। राज्य सरकारों के टैक्स इससे अलग होते हैं। जब ट्रंप से पूछा गया कि यह राहत कब तक जारी रहेगी, तो उन्होंने कहा, ‘जब तक उचित लगेगा।’ राष्ट्रपति ने माना कि हालांकि यह कटौती सिर्फ 18 सेंट के आसपास है, लेकिन आम आदमी के लिए पैसा तो पैसा ही होता है। आंकड़ों के अनुसार, इस टैक्स से सड़क और सार्वजनिक परिवहन कार्यक्रमों के लिए सालाना 23 बिलियन डॉलर यानी 2,175.11 अरब रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त होता है।
तेल संकट दूर करने का प्रयास
ईंधन की कमी को दूर करने के लिए ट्रंप प्रशासन पहले ही सामरिक पेट्रोलियम रिजर्व से लाखों बैरल तेल जारी कर चुका है। इसके अलावा, समुद्र में मौजूद रूसी और ईरानी तेल शिपमेंट पर से अस्थायी रूप से प्रतिबंध हटाए गए हैं। अमेरिका अब अन्य देशों के साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए एक गठबंधन बनाने पर भी चर्चा कर रहा है, जहां से दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है।







