तमिलनाडु की राजनीति में आज एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (टीवीके) के प्रमुख सी जोसेफ विजय रविवार सुबह 10 बजे राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। यह समारोह चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित होगा। विजय का मुख्यमंत्री बनना राज्य में दशकों से चले आ रहे द्रविड़ दलों DMK और AIADMK के शासन का कमजोर होने का प्रतीक है।
समारोह कई दिग्गज रहेंगे मौजूद
इस ऐतिहासिक समारोह में शामिल होने के लिए देश के कई बड़े नेता चेन्नई पहुंच रहे हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। स्टेडियम में 5,000 से ज्यादा मेहमानों के आने की उम्मीद है, जिसे देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पूरे चेन्नई में भारी पुलिस बल तैनात है और ट्रैफिक के रास्तों में बदलाव किया गया है।
टीवीके का हुआ उदय
हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में विजय की पार्टी टीवीके सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। 234 सीटों वाली विधानसभा में टीवीके ने 108 सीटें जीती हैं। हालांकि यह बहुमत के 118 के आंकड़े से थोड़ा कम था, लेकिन विजय ने दूसरे दलों का साथ लेकर सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया। कांग्रेस ने अपने पांच विधायकों के साथ उन्हें बिना शर्त समर्थन दिया है। इसके अलावा सीपीआई और सीपीआई (एम) के चार, वीसीके के दो और आईयूएमएल के दो विधायकों ने भी विजय को अपना समर्थन पत्र सौंपा है। इस तरह विजय के पास कुल 120 विधायकों का समर्थन हो गया।
राज्यपाल से चौथी मुलाकात में बनी बात
इसके बाद तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) प्रमुख विजय ने शनिवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात कर सरकार गठन का दावा पेश किया। खास बात यह रही कि विजय ने लगातार चार दिनों में चौथी बार राज्यपाल से मुलाकात की है।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने इन समर्थन पत्रों के आधार पर विजय को सरकार बनाने का न्योता दिया है। राज्यपाल ने उन्हें 13 मई तक विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने का समय दिया है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, DMK और AIADMK के दौर के बाद टीवीके राज्य में सरकार बनाने वाली तीसरी सबसे बड़ी शक्ति बन गई है।
कई वरिष्ठ नेता भी ले सकते हैं शपथ
विजय के साथ उनकी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी आज मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। इनमें केए सेंगोट्टइयन, आधव अर्जुना, एन आनंद, अरुण राज, निर्मल कुमार, राज मोहन और वेंकटरमणन के नाम शामिल हैं। इस शपथ ग्रहण के साथ ही तमिलनाडु की सत्ता में एक नए चेहरे और नई विचारधारा का प्रवेश हो जाएगा।






