टिहरी- PM मोदी टिहरी झील में कर सकते हैं बोटिंग, चुनावी साल से पहले प्रस्तावित जनसभा के कई मायने

Spread the love

प्रधानमंत्री मोदी के टिहरी में प्रस्तावित दौरे को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। टिहरी झील किनारे कोटीकॉलोनी में प्रस्तावित बड़ी जनसभा के साथ प्रधानमंत्री के साहसिक पर्यटन से जुड़े कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चाएं हैं। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री टिहरी बांध की झील में कोटीकॉलोनी से डोबरा-चांठी तक बोटिंग कर सकते हैं। इसे टिहरी झील में साहसिक पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।

 

प्रधानमंत्री के संभावित दौरे को सफल बनाने के लिए टीएचडीसी ने विभिन्न समितियों का गठन कर अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। बृहस्पतिवार को टीएचडीसी के मुख्य महाप्रबंधक आरआर सेमवाल, एएसपी दीपक सिंह, एसडीएम कमलेश मेहता, जिला पर्यटन अधिकारी सोबत सिंह राणा ने कोटीकॉलोनी क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने टिहरी झील में संचालित क्रूज और बार्ज बोट में जाकर सुरक्षा और संचालन व्यवस्थाओं को भी परखा। एसडीआरएफ की टीम ने भी सुरक्षा इंतजामों का परीक्षण किया।

सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री कुछ समय के लिए झील में संचालित क्रूज बोट में रुक सकते हैं। इसके अलावा कोटीकॉलोनी के आसपास होमस्टे में कुछ समय प्रवास की संभावनाओं को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने उपयुक्त स्थानों की तलाश शुरू कर दी है। सुरक्षा मानकों के अनुरूप होमस्टे चिह्नित किया जा रहा है।

 

स्थानीय लोगों की उम्मीदें भी बढ़ गई
प्रधानमंत्री टिहरी बांध की 1000 मेगावाट क्षमता वाली पंप स्टोरेज प्लांट (पीएसपी) परियोजना के लोकार्पण के लिए टिहरी आ सकते हैं। करीब आठ हजार करोड़ रुपये की यह परियोजना देश की पहली वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज परियोजना है। इसके शुरू होने के बाद टिहरी बांध की विद्युत उत्पादन क्षमता 2400 मेगावाट तक पहुंच जाएगी।

और पढ़े  उत्तरकाशी- स्यानाचट्टी में 100 मीटर हिस्सा धंसने के बाद हनुमान चट्टी में बढ़ी मुश्किलें, गिर रहे पत्थर

प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे से स्थानीय लोगों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। बांध प्रभावितों की लंबित पुनर्वास समस्याओं, रायल्टी, क्षेत्रीय विकास और प्रतापनगर क्षेत्र के फिकवाल समुदाय को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल किए जाने पर लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं।

राजनीतिक दृष्टि से भी प्रधानमंत्री की प्रस्तावित जनसभा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगले वर्ष उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। टिहरी और उत्तरकाशी जिले की नौ विधानसभा सीटों में सात पर भाजपा का कब्जा है, जबकि प्रतापनगर सीट पर कांग्रेस और यमुनोत्री सीट पर निर्दलीय विधायक हैं। ऐसे में टिहरी की यह जनसभा राजनीतिक संदेश के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है।


Spread the love
  • Related Posts

    उत्तराखंड: राहुल गांधी के दौरे पर CM धामी ने कसा तंज, कहा- चुनाव के समय लगा रहता है आना-जाना

    Spread the love

    Spread the loveवरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित देहरादून दौरे को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चुनाव के समय आना जाना लगा रहा है। उन्होंने यह…


    Spread the love

    कोटद्वार- भूस्खलन से बदरीनाथ हाईवे बंद, कोटद्वार में वाहन के ऊपर गिरे भारी बोल्डर, बाल-बाल बचे सवार लोग

    Spread the love

    Spread the loveकोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर सतपुली मल्ली के पास भारी बोल्डर एक सब्जी के एक वाहन पर गिर गया। वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। चालक समेत वाहन में सवार…


    Spread the love