अफगानिस्तान ने सोमवार को पाकिस्तान पर अपनी सीमा के अंदर हमले करने का गंभीर आरोप लगाया है। अफगान अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया, जिससे तीन लोगों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए। अफगानिस्तान के उप सरकारी प्रवक्ता हमदुल्ला फितरत ने सोशल मीडिया पर बताया कि पूर्वी कुनार प्रांत में हुए इन हमलों में दो स्कूल, दो मस्जिदें और एक स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं।
पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पाकिस्तान का कहना है कि अफगानिस्तान के ये दावे हाल ही में अफगान क्षेत्र से पाकिस्तान की तरफ हुई गोलीबारी को छिपाने की कोशिश हैं। पाकिस्तान के मुताबिक, मार्च और अप्रैल में अफगान सीमा से हुए हमलों में खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले में नौ महिलाओं और बच्चों की जान गई थी। पाकिस्तान ने कहा कि बाजौर के हमलों ने अफगान शासन की लापरवाही और शर्मनाक हरकतों को दुनिया के सामने ला दिया है।
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पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के ताजा दावों पर तकनीकी सवाल भी उठाए हैं। पाकिस्तान का तर्क है कि जो तस्वीरें दिखाई जा रही हैं, वे तोप के गोलों से हुए नुकसान जैसी नहीं लगतीं। पाकिस्तान के अनुसार, इमारतों की छतें सलामत हैं और नुकसान केवल कुछ ही हिस्सों में है, जो यह संकेत देता है कि यह तबाही बनावटी हो सकती है।
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दोनों देशों के बीच फरवरी के अंत से ही खूनी संघर्ष चल रहा है, जिसमें अब तक सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं। यह तनाव तब शुरू हुआ था जब अफगानिस्तान ने पाकिस्तानी हवाई हमलों के जवाब में सीमा पार हमला किया था। पाकिस्तान अक्सर अफगानिस्तान पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) जैसे चरमपंथियों को पनाह देने का आरोप लगाता है। पाकिस्तान का कहना है कि यह गुट अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान में हमले करने के लिए करता है, हालांकि काबुल इन आरोपों को हमेशा नकारता रहा है।
अप्रैल की शुरुआत में चीन की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच शांति वार्ता हुई थी। उस समय दोनों पक्ष संघर्ष को न बढ़ाने और बातचीत से समाधान खोजने पर सहमत हुए थे। इसके बावजूद सीमा पर झड़पें जारी हैं, हालांकि अब इनकी तीव्रता पहले के मुकाबले कुछ कम हुई है।






