भारत ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के राधानगर बीच पर पानी के भीतर सबसे बड़ा राष्ट्रीय ध्वज फहराकर इतिहास रचा। इसके लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में देश का नाम दर्ज हुआ है। भारतीय नौसेना, पुलिस और अन्य एजेंसियों के कर्मियों सहित 223 गोताखोरों की एक टीम ने इस मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
भारत ने यह उपलब्धि स्वराज द्वीप (हैवलॉक द्वीप) पर जटिल और सुनियोजित ऑपरेशन के जरिए हासिल की। करीब 60 गुणा 40 मीटर का यह विशाल तिरंगा समुद्र के नीचे फहराया गया। इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने वालों में उपराज्यपाल डीके जोशी, मुख्य सचिव चंद्र भूषण कुमार और पुलिस महानिदेशक एचएस धालीवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
गोताखोरों में शामिल थे तीन स्कूली बच्चे
इस रिकॉर्ड को बनाने वाले 200 से अधिक गोताखोरों में तीन स्कूली बच्चे भी शामिल थे: फतेह जहां सिंह (16), लावण्या ईरा (15) और रणवीर सिंह (14)। ये टीम के सबसे कम उम्र के प्रतिभागी थे। सुबह 10:35 बजे, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के निर्णायक ऋषि नाथ ने आधिकारिक तौर पर इस उपलब्धि की पुष्टि की और उपराज्यपाल डीके जोशी को प्रमाण पत्र सौंपा।
उपराज्यपाल ने की सराहना
उपराज्यपाल जोशी ने इस कार्य में शामिल टीमों के समन्वय और प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने इस उपलब्धि को द्वीपों के अनूठे कार्यों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण जोड़ बताया। यह उपलब्धि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की साहसिक पर्यटन, समुद्री गतिविधियों और विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त आयोजनों के गंतव्य के रूप में बढ़ती प्रतिष्ठा को उजागर करती है।
क्या बोले टीम में शामिल बच्चे?
गुरुग्राम के श्री राम स्कूल के 12वीं कक्षा के छात्र फतेह जहां सिंह ने कहा, “समुद्री दुनिया कितनी खूबसूरत है, इसे व्यक्त करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। मुझे इस कार्यक्रम का हिस्सा बनकर बहुत गर्व महसूस हो रहा है।”
बंगलूरू के ऋषि वैली स्कूल और नई दिल्ली के सरदार पटेल विद्यालय में पढ़ने वाले 11वीं और 10वीं कक्षा के छात्र लावण्या और रणवीर भी इस उपलब्धि से बेहद उत्साहित थे। उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय ध्वज को पानी के नीचे पकड़ना एक अत्यंत भावनात्मक क्षण था और इसने हमें एक एड्रेनालाईन रश दिया।”








