रीडगंज स्थित कोहिनूर पैलेस में आयोजित रक्तदान शिविर ने सेवा, समर्पण और मानवता की मिसाल पेश की। ‘ब्लड मैन’ के नाम से पहचान बना चुके डॉ. आशीष पांडेय ‘दीपू’ ने अपने जन्मदिन के अवसर पर 52वीं बार रक्तदान कर समाज को प्रेरणादायक संदेश दिया। इस मौके पर उनकी पत्नी शालिनी पांडेय ने भी उनके साथ रक्तदान कर इस पुनीत कार्य में सहभागिता निभाई।
डॉ. पांडेय के इस सराहनीय प्रयास से प्रेरित होकर बड़ी संख्या में लोग शिविर में पहुंचे, जहां कुल 60 लोगों ने रक्तदान कर मानवता के महादान में भागीदारी की। शिविर में करीब 70 लोगों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 60 लोग सफलतापूर्वक रक्तदान कर सके।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रामभद्राचार्य विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शिशिर पांडेय ने की, जबकि उद्घाटन उत्तर प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा दान है, जिससे कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं और ऐसे आयोजनों को समाज में बढ़ावा मिलना चाहिए।
शिविर का संचालन जिला अस्पताल की टीम द्वारा काउंसलर ममता खत्री के संयोजन में किया गया। इस दौरान मोहम्मद शादिक और डॉ. विष्णु पांडेय की उपस्थिति में व्यवस्थाएं सुचारु रहीं। चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों ने रक्तदाताओं की जांच के बाद सुरक्षित प्रक्रिया के तहत रक्तदान कराया।
इस अवसर पर शालिनी पांडेय, ऋचा श्रीवास्तव, मोहम्मद शाहिल, राहुल पांडेय, ज्ञान मोटवानी, राकेश मिश्रा, अंजनी पांडेय, डॉ. विवेक श्रीवास्तव, अमरेश कुमार, हिमांशु भटनागर और देश दीपक यादव सहित अन्य लोगों ने रक्तदान कर सामाजिक जिम्मेदारी निभाई।
इसके अलावा आईएमए से जुड़े चिकित्सकों में डॉ. आशीष श्रीवास्तव, डॉ. पल्लवी श्रीवास्तव, डॉ. प्रियंका खरे, डॉ. निशांत सक्सेना, डॉ. राजकपूर मौर्य, डॉ. गौरव श्रीवास्तव तिवारी, डॉ. दीपशिखा और डॉ. हरिनाथ तिवारी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
पहली बार रक्तदान करने वालों में दिखा उत्साह
डॉ. आशीष पांडेय ने अपने जन्मदिन को खास बनाते हुए 52वीं बार रक्तदान किया, जो उनके सामाजिक समर्पण का प्रतीक है। उनके इस प्रयास से प्रेरित होकर कई युवाओं ने पहली बार रक्तदान किया। डॉ. पांडेय ने कहा कि रक्तदान न केवल सामाजिक कर्तव्य है, बल्कि यह किसी जरूरतमंद के लिए जीवनदान साबित हो सकता है।







