ट्रिपल मर्डर: काल बना अप्रैल, तीन साल पहले बड़ा बेटा खोया, अब छोटा और पोता भी, ऐसे शुरू हुई दुश्मनी

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प्रैल का महीना सरूप सैनी के परिवार के लिए काल बनकर टूट रहा है। तीन साल पहले 29 अप्रैल 2023 को बड़े बेटे राजीव की मौत हो गई थी। अभी परिवार उस सदमे से उबरा भी नहीं था कि अब छोटे बेटे अमरदीप, पोते आकाश और भतीजे मनीष की हत्या कर दी गई। रोते बिलखते सरूप सैनी बार-बार इन बातों को दोहराते हुए बेसुध हो रहे हैं। उनकी यह हालत देख मौजूद हर कोई उन्हें ढांढस बंधा रहा है।

 

सरूप बोले- परिवार को लगी नजर
सरूप सैनी ने बताया कि उनका हंसता खेलता परिवार था, जिसको नजर लग गई। उनके पिता लटलू सैनी के पांच बेटे थे, जिनके एक ही साथ घर हैं। सरूप सैनी के छह बच्चे थे जिसमें चार बेटी रेखा, पूनम, कविता व राधा हैं और दो बेटे राजीव सैनी और अमरदीप (35) थे। राजीव सैनी के तीन बेटे हैं, जिसमें सबसे बड़ा बादल फिर आकाश (20) और वंश है।

 

 

कब हुई किसकी मौत
वर्ष 2019 में सरूप सैनी के छोटे भाई की मौत हो गई, इसके बाद कोरोना काल में चौथे नंबर के भाई की मौत हो गई। इसके बाद 29 अप्रैल 2023 को उनके बड़े बेटे राजीव ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया, जिसमें उनकी जान चली गई।

ठेकेदारी करता था अमरदीप 
इसके बाद घर की जिम्मेदारी अमरदीप व राजीव, बेटे बादल व आकाश पर आ गई। अमरदीप पास में स्थित पॉटरी फैक्टरी में ठेकेदारी करने लगे और बादल हापुड़ में स्थित पोस्टर बनाने वाली कंपनी में नौकरी करने लगे। पिता की मौत के बाद आकाश ने 12वीं तक की पढ़ाई की और फिर पॉटरी फैक्टरी में ठेकेदारी में लग गया। घर पर आर्थिक बोझ बढ़ता चला गया तो आकाश ने अपने कमाने की जिम्मेदारी संभाली, लेकिन अब सब कुछ उजड़ गया।

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मेरे कलेजे के टुकड़े चले गए
रोते हुए सरूप सैनी ने बताया कि घर के अंदर जाने से भी दिल नहीं करता, मेरे दोनों कलेजे के टुकड़े चले गए। जिस पोते को गोदी में लेकर घूमता था अब उसकी अर्थी तैयार करनी पड़ रही है। इससे अभागा कौन दादा व पिता हो सकता है। अब घर में सरूप सैनी, उनकी पत्नी इंद्रादेवी, राजीव की पत्नी सविता, अमरदीप की पत्नी सिमरन, अमरदीप का एक बेटा व बेटी और राजीव का बेटा वंश सभी की जिम्मेदारी अकेले बादल पर आ गई है।

अपने पिता को याद कर रो रहे मासूम बच्चे
अमरदीप का एक चार साल का बेटा आयुष और एक साल की बेटी लवनिया है। मासूम बच्ची को क्या पता जो पिता रोजाना उसको गोद में लेकर घूमता था बाइक पर बैठने के लिए जिसके पीछे दौड़ती थी, वह अब इस दुनिया में नहीं रहा। चार साल का मासूम आयुष भीड़ को देख परेशान हो रहा था और उस भीड़ में बार- बार अपने पिता अमरदीप को तलाश रहा था। ताऊ संजय उसको गोद में लेकर समझा रहे थे। यह आलम दूसरे घर में भी रहा। डेढ़ साल की गोनाक्षी अपने पिता मनीष को तलाश कर रही थी। बार-बार अपनी मां से पूछ रही है कि पापा कहां है, लेकिन मां उसको कुछ समझा नहीं पा रही थी।
बच्चों की लंबी आयु की कामना के लिए मां गईं थीं तीर्थ
मनीष की बहन रजनी ने बताया कि वह पांच भाई-बहन थे। जिसमें सबसे बड़ी बहन लक्ष्मी, फिर संजय, रजनी, मिथलेश और सबसे छोटा मनीष था। मनीष सबसे छोटा व लाडला था। वर्ष 2021 में उसकी शादी हुई थी। उनकी मां जगबीरी बच्चों की लंबी उम्र और परिवार में सुख शांति की कामना के लिए अपने दामाद सोनू के साथ अयोध्या व बनारस घूमने गईं थीं। अयोध्या पहुंचते ही उनको इस घटना की जानकारी मिली, तो वह वापस लौट आईं। जिस परिवार को हंसते खेलते छोड़कर गईं, वहां पर शव पड़े थे और मातम पसरा था। यह देख वह बेहोश हो गईं।
घर में होनी थी इस साल शादी, पसर गया मातम
पीड़ित परिजनों ने बताया कि इस साल बादल की शादी के लिए तैयारी चल रही थी। ऐसे में परिवार के लोग काफी उत्साहित थे। इसके लिए कई जगह बात भी चली थी, लेकिन अभी कहीं पक्की नहीं हुई थी। किस को क्या पता था कि जिस घर में शादी की तैयारी हो रही हैं, वहां पर ऐसी घटना होगी।
सात साल पहले हुआ था मयंक के पिता से मामूली विवाद
मृतक अमरदीप के पिता सरूप सैनी का कहना है कि करीब सात साल पहले वह सुभाष मार्ग पर स्थित एक दुकान पर बैठे थे, जहां पर मयंक का पिता महेश सैनी आए थे। जहां दोनों के बीच एक-दूसरे पर टिप्पणी करने को लेकर विवाद हो गया था। हालांकि, स्थानीय लोगों ने मामला शांत करा दिया था। तब से मयंक और अमरदीप के बीच अक्सर अनबन रहती थी। दोनों एक ही जिम में जाते थे और जीतू सैनी के करीबी थे।
खेती करते थे मृतक, दो की हो चुकी थी शादी
संजय सैनी ने बताया कि उनका सगा भाई मनीष व चचेरा भाई अमरदीप खेती कर परिवार का पालन पोषण करते थे। वहीं, आकाश फिलहाल नौकरी की तलाश कर रहा था। मनीष की दो साल की बेटी गोनाक्षी है और अमरदीप के पांच साल का बेटा आयुष उर्फ लड्डू व डेढ़ साल की बेटी लवनिया है। परिवार में एक साथ तीन मौत होने के घर पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। वहीं परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। गर्मी में लगातार रोने से अमरदीप की बहन रेखा व राधा की तबीयत भी खराब हो गईं।
जिम संचालक हत्या की कोशिश के आरोप में जेल में बंद
सीओ खुर्जा शोभित कुमार ने बताया जिम का संचालन रूपेश व जीतू सैनी कर रहे थे। उसी के अनुसार आरजेएस जिम नाम रखा गया। संचालक का नाम भी जीतू सैनी है, जो हत्या के प्रयास के आरोप में जेल में बंद है। आरोपी जीतू ने दो दिसंबर 2025 को खुर्जा न्यायालय में पेशी कर लौट रहे अर्जुन पर गोली चलाई थी। उसने न्यायालय में सरेंडर कर दिया था। फिलहाल रूपेश ही जिम का संचालन कर रहा था।
सुभाष मार्ग पर दबदबा था पीड़ित परिवार का
पीड़ित परिवार का सुभाष मार्ग स्थित मोहल्लों में दबदबा था, जिसके चलते मनीष व अमरदीप को अंदाजा नहीं था कि कोई उनकी हत्या कर सकता है। दरअसल मनीष के सगे भाई संजय सैनी वर्ष 2013 से 2018 तक वार्ड 24 से सभासद रहे। वर्ष 2023 से संजय की पत्नी सुनीता सैनी सभासद रहीं। इसके अलावा संजय सैनी के पिता प्रेम सैनी और उनके चार भाई शुरूआत से यहीं पर रहे थे। परिवार के लोग खेती करते हैं। कुछ लोगों का कहना है कि परिवार की अच्छी पहचान होने के कारण भी कुछ लोग इनसे रंजिश रखने लगे थे, जिसके चलते इस घटना को अंजाम दिया गया है।

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