जनता दल यूनाईटेड के वरिष्ठ नेता श्रवण कुमार को विधायक दल का नेता चुना गया है। एक दिन पहले जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार की अध्यक्षता में विधायक दल की बैठक हुई थी। लेकिन, तब विधायक दल ने नेता का नाम फाइनल नहीं हुआ था। आज जदयू की ओर से श्रवण कुमार के नाम पर मुहर लग गई। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार ने खुद श्रवण कुमार के नाम पर मुहर लगाई है।
श्रवण कुमार को ही क्यों चुना गया नेता
जदयू सूत्रों की मानें तो नई सरकार में उपमुख्यमंत्री का पद भी मिलने से श्रवण कुमार नाराज चल रहे थे। इसलिए उनकी नाराजगी दूर करने के लिए पहले उन्हें वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी। अब उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया। राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो नीतीश कुमार ने श्रवण कुमार को विधायक दल का नेता बनकर फिर से सोशल इंजीनियरिंग की मिसाल पेश की है। चूंकि जनता दल यूनाइटेड का आधार ही लवकुश समीकरण है। श्रवण कुमार कुर्मी जाति से आते हैं। नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद ऐसा लग रहा था कि जदयू के दो उपमुख्यमंत्री में से कोई एक कुर्मी जाति से होगा। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। नीतीश कुमार ने भूमिहार जाति से आने वाले विजय चौधरी और यादव जाति से बिजेंद्र प्रसाद यादव को उपमुख्यमंत्री बना दिया। अब सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए श्रवण कुमार विधायक दल का नेता बना दिया।
जदयू सूत्रों की मानें तो नई सरकार में उपमुख्यमंत्री का पद भी मिलने से श्रवण कुमार नाराज चल रहे थे। इसलिए उनकी नाराजगी दूर करने के लिए पहले उन्हें वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी। अब उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया। राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो नीतीश कुमार ने श्रवण कुमार को विधायक दल का नेता बनकर फिर से सोशल इंजीनियरिंग की मिसाल पेश की है। चूंकि जनता दल यूनाइटेड का आधार ही लवकुश समीकरण है। श्रवण कुमार कुर्मी जाति से आते हैं। नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद ऐसा लग रहा था कि जदयू के दो उपमुख्यमंत्री में से कोई एक कुर्मी जाति से होगा। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। नीतीश कुमार ने भूमिहार जाति से आने वाले विजय चौधरी और यादव जाति से बिजेंद्र प्रसाद यादव को उपमुख्यमंत्री बना दिया। अब सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए श्रवण कुमार विधायक दल का नेता बना दिया।








