पश्चिम एशिया इस समय बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रहा है। एक ओर जहां संघर्ष के बीच युद्धविराम और बातचीत की उम्मीदें दिखाई दे रही हैं, वहीं दूसरी ओर तनाव और अस्थिरता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयासों में तेजी आई है, जिससे क्षेत्र में कुछ राहत की संभावना बनी है। इसी दौरान इस्राइल और लेबनान के बीच 10 दिन का युद्धविराम लागू होने से हालात कुछ हद तक शांत हुए हैं। इसी बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को एक बार फिर बंद किए जाने की खबर ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है।
सीजफायर के बावजूद दक्षिणी लेबनान में इस्राइल के हमले जारी, बढ़ा तनाव
लेबनान में जारी युद्धविराम के बावजूद इस्राइली सेना ने एक बार फिर दक्षिणी हिस्से में हवाई और तोपखाने हमले किए हैं। इस्राइली सेना ने इन कार्रवाईयों को खतरे के खिलाफ उठाया गया कदम बताया है, जो कथित तौर पर नई येलो लाइन के दक्षिण में स्थित थे। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, बेरूत से जुड़े संवाददाता ने बताया कि रविवार को इस्राइल ने कई गांवों में लगातार गोलाबारी और मशीनगन से फायरिंग की। इसके साथ ही दो अलग-अलग हवाई हमले भी किए गए।
पहला हमला हिजबुल्ला के उन लड़ाकों पर किया गया, जो इस्राइल के अनुसार येलो लाइन के करीब पहुंच रहे थे, लेकिन उसे पार नहीं किया था। रिपोर्ट में कहा गया कि यह गतिविधि रेखा के उत्तर में हुई थी, न कि उसके भीतर। दूसरा हमला एक व्यक्ति पर किया गया, जो एक सुरंग के प्रवेश द्वार की ओर बढ़ रहा था, जो येलो लाइन के दक्षिण में स्थित बताया गया है। इस्राइली सेना ने दावा किया कि इस कार्रवाई में उस सुरंग के प्रवेश द्वार को भी नष्ट कर दिया गया। इस्राइली सैन्य प्रवक्ता के अनुसार, ये हमले युद्धविराम का उल्लंघन नहीं हैं और इन्हें सुरक्षा कारणों से अंजाम दिया गया है।
ईरान में हवाई क्षेत्र चरणबद्ध तरीके से फिर खोलने की तैयारी
इसी बीच ईरान से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है, जहां देश के नागरिक उड्डयन संगठन ने हवाई क्षेत्र को धीरे-धीरे खोलने की योजना की घोषणा की है। तसनीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान का हवाई क्षेत्र चार चरणों में खोला जाएगा। पहले चरण में ट्रांजिट फ्लाइट्स को अनुमति दी जाएगी। इसके बाद पूर्वी हवाई अड्डों से उड़ानों की शुरुआत होगी। तीसरे चरण में तेहरान के मेहराबाद और इमाम खुमैनी हवाई अड्डों से उड़ानों की अनुमति दी जाएगी, जबकि अंतिम चरण में पश्चिमी हवाई अड्डों को भी खोला जाएगा।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल टिकटों की बिक्री स्थगित है और यात्रियों को आधिकारिक घोषणाओं पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि हवाई क्षेत्र खोलने की प्रक्रिया कब से शुरू होगी।
UAE और ब्रिटेन के शीर्ष राजनयिकों की बैठक, क्षेत्रीय तनाव और ईरान के मुद्दे पर चर्चा
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और यूनाइटेड किंगडम (UK) के शीर्ष राजनयिकों ने क्षेत्रीय हालात और बढ़ते तनाव को लेकर अहम बातचीत की है। बैठक में दोनों देशों ने पश्चिम एशिया में मौजूदा हालात और सुरक्षा चिंताओं पर विस्तार से चर्चा की। यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नहयान और ब्रिटेन की विदेश सचिव यवेट कूपर ने क्षेत्रीय विकास और ईरान की ओर से खाड़ी देशों पर कथित बिना उकसावे वाले और आतंकी हमलों के मुद्दे पर विचार-विमर्श किया।
यूएई विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, यवेट कूपर ने यूएई के साथ एकजुटता जताते हुए कहा कि वह देश की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों का समर्थन करता है। वहीं, शेख अब्दुल्ला ने ब्रिटिश विदेश सचिव की इस यात्रा को दोनों देशों के मजबूत संबंधों का प्रतीक बताया और कहा कि यह यूएई के प्रति ब्रिटेन की एकजुटता को दर्शाता है, खासकर ईरानी हमलों के बाद। ब्रिटेन की ओर से इस बैठक पर कोई अलग आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।







