जनगणना के पहले चरण की शुरुआत स्व-गणना से हो चुकी है। इस बीच जनगणना विभाग ने सभी को सतर्क रहने की सलाह दी है। स्पष्ट किया है कि स्व-गणना का एकमात्र पोर्टल है। कोई एप या अन्य लिंक नहीं है। वहीं, 25 अप्रैल से जब प्रगणक आपके घर आएंगे तो वह आधार या अन्य कोई भी दस्तावेज आपसे नहीं मांगेंगे।
साइबर अपराधियों के भी सक्रिय होने का अंदेशा बढ़ गया है। लिहाजा, लोगों को इसके प्रति सावधान किया जा रहा है। जनगणना विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, स्व-गणना के लिए विभाग का एक मात्र पोर्टल se.census.gov.in है। इसके अलावा कोई भी मोबाइल एप या अन्य वेबसाइट नहीं है। जब स्व-गणना करें तो इसका खास ख्याल रखें, जिससे साइबर अपराध से बच सकते हैं।
स्व-गणना के दौरान आप जो मोबाइल नंबर फीड करेंगे, उसी पर एक ओटीपी आएगा। इससे अलग कोई आपसे बैंक खाता, आधार ओटीपी मांगे तो कतई न बताएं। आप साइबर अपराधियों का शिकार हो सकते हैं। इसी तरह, जब 25 अप्रैल से प्रगणक घर-घर आएंगे तो वह आपसे केवल सवाल पूछेंगे। पहला सवाल तो एसई आईडी का पूछेंगे, जो कि स्व-गणना के बाद आपको मिली होगी। अगर स्व-गणना की होगी तो आपके जवाब का औपचारिक सत्यापन करके वह वापस चले जाएंगे।
प्रगणक केवल सवाल पूछेंगे, कोई ओटीपी नहीं आएगा
अगर आपने स्व-गणना नहीं की होगी तो प्रगणक आपके घर पहुंचकर आपसे केवल 33 सवाल आपसे पूछेंगे, जिसमें आपका मोबाइल नंबर भी शामिल है। ध्यान रखें कि वे केवल मोबाइल नंबर लेंगे, उस पर कोई ओटीपी नहीं आएगा। इसी प्रकार, उनकी पहचान के लिए जनगणना विभाग ने जो आईडी कार्ड दिया है, उसमें उनका नाम, फोटो और क्यूआर कोड होगा। उसे स्कैन करके आपको आसानी से उनकी पूरी जानकारी मिल जाएगी। प्रगणक को आपको आधार या अन्य कोई भी दस्तावेज नहीं देना। जनगणना निशुल्क है। इसके बावजूद आपको कोई संदिग्ध कॉल या मैसेज आए तो आप सीधे 1930 पर फोन कर सकते हैं या साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट करें।
स्व-गणना के लिए केवल एक ही आधिकारिक वेबसाइट है। अन्य किसी भी लिंक, ऐप के बहकावे में न आएं। प्रगणक आपसे कोई भी दस्तावेज नहीं लेंगे, केवल 33 सवाल पूछेंगे। साइबर अपराधियों से सचेत रहें।
-इवा आशीष श्रीवास्तव, निदेशक जनगणना







