सुरों की मल्लिकाआशा भोसले का निधन पर देशभर में शोक, PM मोदी समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

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ज रविवार को भारतीय संगीत जगत को गहरा आघात लगा है। सुरों की दुनिया पर दशकों तक राज करने वाली महान गायिका आशा भोसले के निधन से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके जाने से संगीत का एक स्वर्णिम युग मानो थम सा गया है।

 

 

पीएम मोदी का शोक संदेश 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रख्यात गायिका आशा भोसले के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आशा भोसले भारत की सबसे प्रतिष्ठित और बहुमुखी आवाज़ों में से एक थीं, जिनकी संगीत यात्रा ने दशकों तक भारतीय सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया। पीएम मोदी ने कहा कि उनके भावपूर्ण गीतों और जीवंत संगीत ने दुनिया भर में लाखों दिलों को छुआ। उन्होंने आशा जी के साथ हुई अपनी मुलाकातों को हमेशा यादगार बताया और कहा कि उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। प्रधानमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और उनके परिवार, प्रशंसकों तथा संगीत प्रेमियों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।

राजनाथ सिंह ने जताया शोक
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी आशा भोसले के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आशा भोसले की आवाज ने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया और उनके गीत हमेशा लोगों के दिलों में गूंजते रहेंगे। उन्होंने इसे संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए शोक संतप्त परिवार और उनके करोड़ों प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

आशा भोसले के निधन पर नितिन गडकरी का भावुक संदेश
भारतीय संगीत जगत की महान गायिका आशा भोसले के निधन पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इसे देश के संगीत क्षेत्र के लिए एक बड़ी और अपूरणीय क्षति बताया। नितिन गडकरी ने कहा कि पद्म विभूषण से सम्मानित आशा भोसले ने अपनी अद्वितीय प्रतिभा से संगीत की दुनिया में अलग पहचान बनाई। उनके साथ उनके व्यक्तिगत और पारिवारिक संबंध भी रहे, जिससे यह क्षति उनके लिए और अधिक भावुक कर देने वाली है।

उन्होंने कहा कि ‘नया दौर’, ‘तीसरी मंजिल’, ‘हरे रामा हरे कृष्णा’, ‘उमराव जान’, ‘इजाजत’ और ‘रंगीला’ जैसी फिल्मों के गीतों को आशा भोसले ने अपनी आवाज से अमर बना दिया। एक प्लेबैक सिंगर के रूप में उन्होंने अनेक यादगार गाने दिए, जो आज भी लोगों की जुबान पर हैं। गडकरी ने कहा कि आशा भोसले का योगदान सिर्फ एक दौर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनकी आवाज कई पीढ़ियों तक लोगों के दिलों में गूंजती रहेगी। संगीत के क्षेत्र में उनका ‘स्वर’ हमेशा अमर रहेगा। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार को संबल देने की कामना की और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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संगीत जगत को अपूरणीय क्षति-पीयूष गोयल
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मधुर वाणी और अद्वितीय गायकी की प्रतिमूर्ति दीदी आशा भोसले जी ने दशकों तक भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी आवाज केवल सुरों का संगम नहीं, बल्कि भावनाओं का ऐसा अनकहा रिश्ता है जिसे शब्दों में बांध पाना संभव नहीं है। एक ऐसा जुड़ाव जो हर दिल में सदा जीवित रहेगा। उनके गाए गीत आने वाली पीढ़ियों तक यूं ही गूंजते रहेंगे।

यह क्षण उनके परिवार, कला जगत से जुड़े सभी लोगों और करोड़ों प्रशंसकों के लिए अत्यंत भावुक और अपूरणीय क्षति का है। मैं सभी के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूँ। मां सरस्वती दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को इस दुःख को सहने की शक्ति दें।

‘वह अमर हैं, हमेशा रहेंगी’
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी गहरा दुख जताते हुए कहा कि आशा भोसले की आवाज के साथ ही उनकी पीढ़ी बड़ी हुई। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि वह केवल एक कलाकार नहीं, बल्कि अमर विरासत हैं, जो हमेशा लोगों के बीच जीवित रहेंगी। उन्होंने उनके मशहूर गीत की पंक्ति का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी आवाज कभी खत्म नहीं होगी, बल्कि हमेशा लोगों के दिलों में गूंजती रहेगी।

आशा भोसले के निधन पर देवेंद्र फडणवीस हुए भावुक
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महान गायिका आशा भोसलेके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आशा ताई के जाने से संगीत जगत को अपूरणीय क्षति हुई है और सुरों का एक खूबसूरत बाग आज सूना हो गया है। फडणवीस ने कहा कि पद्म विभूषण और महाराष्ट्र भूषण से सम्मानित आशा भोसले का जाना बेहद दुखद है। लता मंगेशकर के बाद मंगेशकर परिवार का एक और चमकता सितारा हमेशा के लिए खो गया है।

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उन्होंने आशा भोसले की बहुमुखी प्रतिभा को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भक्ति गीतों से लेकर गजल, शास्त्रीय, लोक, पॉप और फिल्मी संगीत तक हर शैली में अपनी अलग पहचान बनाई। 12,000 से अधिक गीतों को अपनी आवाज देने वाली आशा ताई ने 20 से अधिक भाषाओं में गाकर संगीत की दुनिया में अनोखा मुकाम हासिल किया। फडणवीस ने हाल ही में हुई एक मुलाकात का जिक्र करते हुए बताया कि एक कार्यक्रम में आशा ताई ने उनसे ‘अभी ना जाओ छोड़कर’ गाने का आग्रह किया था और मजाक में कहा था कि उन्होंने मुख्यमंत्री से गाना गवा लिया।

सुरों की जादूगरनी को श्रद्धांजलि
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि आशा भोसले एक ऐसी महान कलाकार थीं, जिन्होंने पीढ़ियों तक लोगों के दिलों पर राज किया। उन्होंने बंगाली गीतों के जरिए भी बंगाल में अपार लोकप्रियता हासिल की थी। वर्ष 2018 में उन्हें राज्य का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बंगविभूषण’ भी प्रदान किया गया था।

सुवेंदु अधिकारी ने भी जताया दुख
पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने उन्हें ‘मेलोडी की महारानी’ बताते हुए कहा कि उनकी आवाज ने भारतीय सिनेमा के कई दौरों को परिभाषित किया। उन्होंने कहा कि आशा भोसले का योगदान अतुलनीय और अपूरणीय है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।

 ‘मेरी जिंदगी की संपत्ति चली गई’
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आशीष शेलार ने भावुक शब्दों में कहा कि आशा ताई के जाने से उन्होंने अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी पूंजी खो दी है। उन्होंने बताया कि आशा भोसले ने हर शैली (भजन, लावणी, फिल्मी गीत, अभंग) में अपनी अद्भुत आवाज से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।

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बहुभाषी गायन की अद्वितीय पहचान
आशा भोसले का करियर लगभग पांच दशक लंबा रहा। इस दौरान उन्होंने अपने करियर में एक से बढ़कर एक यादगार गाने दिए। सबसे खास बात कि अपने इतने लंबे करियर के दौरान आशा भोसल ने अलग-अलग दौर के कई दिग्गज संगीतकारों के साथ काम किया और कईयों के साथ उनकी जोड़ी काफी हिट रही। इस लिस्ट में शंकर-जयकिशन, खैय्याम, रवि, सचिन देव बर्मन, आरडी बर्मन, ओपी नैय्यर, इलैयाराजा, बप्पी लहरी और ए.आर रहमान जैसे दिग्गजों के नाम शामिल हैं। उन्होंने फिल्मों के अलावा म्यूजिक एल्बम में और कई सिंगल सॉन्ग भी गाए।

आशा भोसले की महानता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने हिंदी के अलावा कुल 20 भारतीय और विदेशी भाषाओं में गाने गाए थे। साल 2006 में खुद आशा भोसले ने बताया था कि उन्होंने 12 हजार गाने गाए हैं। यही नहीं आशा भोसले ग्रैमी अवॉर्ड के लिए नामित होने वाली पहली भारतीय गायिका भी हैं। यही कारण है कि वे भारतीय ही नहीं, वैश्विक संगीत जगत की भी प्रतिष्ठित आवाज बनीं।


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