बैंक प्रबंधक ने ट्रैक्टर डीलर और किसानों से मिलीभगत कर दो करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरित किया था। खेती की जरूरतों के लिए मिले इस ऋण को दूसरे कामों में प्रयोग में लाया गया जिसमें ट्रैक्टर डीलर के खाते का इस्तेमाल हुआ। सीबीआई से मिली जानकारी के अनुसार मार्च 2017 में उत्तराखंड ग्रामीण बैंक बाजपुर में हुए इस घोटाले की सीबीआई को शिकायत महाप्रबंधक पूरनचंद ने की थी।
इस पर तत्कालीन शाखा प्रबंधक रामअवतार सिंह दिनकर, मैसर्स केजीएन ट्रैक्टर्स एंड इक्विपमेंट व अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। जांच की गई तो पता चला कि वर्ष 2014-15 के दौरान दिनकर ने अयोग्य लाभार्थियों को 2.85 करोड़ रुपये का केसीसी लोन दिया। ट्रैक्टर डीलर के साथ मिलीभगत कर इस धनराशि को गैर कृषि उद्देश्यों में ट्रांसफर किया गया जिससे बैंक को 3.15 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।