नोएडा एयरपोर्ट- हवाई अड्डे के लोकार्पण के साथ ही UP की सियासत को लगे पंख, विधानसभा चुनाव प्रचार का आगाज

 

उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में अभी तकरीबन 1 साल का समय है लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने नोएडा एयरपोर्ट के लोकार्पण से विधानसभा चुनाव की उड़ान का आगाज कर दिया है। भाजपा इस बार के विधानसभा चुनाव में कानून व्यवस्था के अलावा विकास को हथियार बनाने की तैयारी में है। इसी को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तैयारी शुरू कर दी और नोएडा एयरपोर्ट को सेंटर पॉइंट बनाकर चुनावी फायदा लेने की योजना बनाई। शनिवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के दौरान पीएम व सीएम ने सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए दोनों को विकास विरोधी बताया।

वर्ष 2017 में जब भाजपा की सरकार उत्तर प्रदेश में बनी थी। तब मोदी की प्रचंड लहर थी। इसके बाद चुनाव परिणाम आने पर भाजपा नेतृत्व ने योगी आदित्यनाथ को प्रदेश की कमान साैंपी थी। पहले पांच साल में योगी सरकार ने कानून व्यवस्था को लेकर कई काम किए और इसका फायदा वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में मिला।

राज्य के पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा की बेहतरी को मुख्य मुद्दा बनाया था और सफलता भी मिली थी। दोबारा सत्ता में आने के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लेकर कई विकास परियोजनाओं को गति दी गई। रिकॉर्ड पांच साल में एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट का लोकार्पण किया गया।

इस लोकार्पण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों कांग्रेस व समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा और विकास का बॉटलनेक बताया।

भाजपा नेतृत्व का मानना है कि प्रदेश सरकार ने कानून व्यवस्था पर पूरा काम किया है और अब विकास पर भी बहुत काम हो रहा है। अगले साल विकास की थीम को विधानसभा चुनाव में आगे रखा जाएगा।

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पश्चिमी यूपी पर भाजपा का फोकस  
भारतीय जनता पार्टी के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश हमेशा से फायदेमंद रहा है। हाल के कई चुनावों में पश्चिमी यूपी में भाजपा को लोकसभा व विधानसभा में अधिकतर सीटें मिली हैं। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में यहां कई सीटों का नुकसान भी हुआ। मुजफ्फरनगर, कैराना से लेकर सहारनुपर तक कई लोकसभा सीटों पर हार हुई। इस कारण इस क्षेत्र पर भाजपा का अतिरिक्त फोकस है। पीएम ने कई बार अपने संबोधन में पश्चिमी यूपी का जिक्र कर इसे जताया और लोगों को भरोसा बनाए रखने की अपील की।

बसपा का नहीं लिया नाम  
समारोह में प्रधानमंत्री ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा वालों ने नोएडा को अपना एटीएम बना लिया था। जबकि भाजपा ने लूट को रोका और विकास कराए। वहीं सीएम ने वर्ष 2002 से लेकर 2017 तक विकास नहीं होने की बात कही और सपा व कांग्रेस का नाम लिया, जबकि बसपा का नाम सीएम ने भी नहीं लिया। इसको लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

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