मेरठ के बहुचर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड यानी नीला ड्रम केस में अदालत ने दोनों दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अदालत का फैसला सुनते ही मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला भावुक हो गए। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत में बुधवार को सजा पर सुनवाई की। वहीं मुस्कान ने कहा कि उसकी दो बेटियां है उनका ख्याल रखा जाए।
जेल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, फैसला सुनते समय मुस्कान ने हाथ जोड़ रखे थे और बाद में रोने लगी। साहिल शुक्ला की आंखें भी नम हो गईं। कुछ देर बाद दोनों फूट फूटकर रोए, जिसके बाद उन्हें बैरकों में ले जाया गया।
इस मामले में अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता और क्रूरता का हवाला देते हुए दोनों के लिए मृत्युदंड की मांग की थी। दूसरी ओर, बचाव पक्ष ने मुस्कान की दो बेटियों के भविष्य और परवरिश का हवाला देकर अदालत से नरमी बरतने की अपील की थी।
24 फरवरी 2025: सौरभ राजपूत लंदन से नौकरी छोड़कर मेरठ स्थित अपने घर लौटा।
3 मार्च 2025: पुलिस जांच के अनुसार, इसी अवधि में सौरभ की हत्या की गई।
4 मार्च 2025: शव को नीले ड्रम में छिपाने और सीमेंट से ढकने से संबंधित घटनाक्रम सामने आया।
18 मार्च 2025: सौरभ के भाई बबलू की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
19 मार्च 2025: घर से नीला ड्रम काटकर शव बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई। दोनों आरोपियों को जेल भेजा गया।
12 मई 2025: पुलिस ने अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया।
30 सितंबर 2026: जिला अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया।
14 अक्टूबर 2026: अदालत ने दोनों दोषियों की सजा पर फैसला सुनाते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई।
देशभर में चर्चा में रहा नीला ड्रम केस
सौरभ राजपूत हत्याकांड शव को छिपाने के तरीके और पुलिस जांच में सामने आए घटनाक्रम के कारण देशभर में चर्चा में रहा। पुलिस ने गवाहों, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर जांच पूरी की। अभियोजन पक्ष ने इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अदालत में पैरवी की।
सजा पर सुनवाई के दौरान अभियोजन ने कड़ी सजा की मांग की, जबकि बचाव पक्ष ने मुस्कान की दोनों बेटियों के भविष्य और परवरिश का मुद्दा उठाया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाते हुए दोनों दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है।






