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मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी पर अयोध्या नगरी पूरी तरह राममय हो उठी। रामलला के जन्म के शुभ अवसर पर भए प्रकट कृपाला दीनदयाला की स्तुति से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कनक भवन और हनुमानगढ़ी में श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते और नाचते नजर आए।
रामभक्तों ने पूरे उत्साह और उल्लास के साथ रामलला का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया। इस पावन अवसर पर मौसम ने भी करवट ली। सुबह तक जहां हल्की बारिश और ठंडक के कारण मौसम सख्त बना हुआ था।
वहीं, रामजन्म के समय अचानक मौसम साफ हो गया और खिली धूप निकल आई। मंदिर परिसर में भगवान रामलला के ललाट पर पड़ी सूर्य की किरणों को श्रद्धालुओं ने दिव्य अभिषेक के रूप में देखा।
इस अद्भुत दृश्य ने भक्तों की आस्था को और प्रगाढ़ कर दिया। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह भगवान राम की विशेष कृपा और उपस्थिति का संकेत है।
पूरी रामनगरी में हर ओर जय श्रीराम के उद्घोष गूंजते रहे और भक्ति, श्रद्धा व उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला।
वहीं, दोपहर 12 बजे भगवान सूर्य ने रामलला के ललाट पर तिलक किया। यह लगभग चार मिनट तक चला। विशेष बात यह रही कि तिलक ठीक उसी समय हुआ, जो समय भगवान राम के जन्म का क्षण माना जाता है।