हरीश राणा का अंतिम संस्कार आज बुधवार को दक्षिण दिल्ली स्थित ग्रीन पार्क क्षेत्र में किया जाएगा। यह जानकारी उनके पिता अशोक राणा के करीबी मित्र दीपांशु मित्तल ने दी। उन्होंने बताया कि हरीश का जीवन जन्म से लेकर अंतिम यात्रा तक संघर्ष भरा रहा। दिल्ली में जन्मे हरीश पढ़ाई के दौरान चंडीगढ़ में हादसे का शिकार हुए और अब उनकी अंतिम यात्रा भी दिल्ली में ही पूरी होगी। बीते 13 वर्षों का उनका संघर्ष शब्दों में बयां कर पाना मुश्किल है।

कब क्या हुआ
हर दिल में एक ही सवाल, क्या यही अंत था उस लंबी पीड़ा का
एक परिवार नहीं, पूरे समाज की पीड़ा
समर्पण की मिसाल बने पिता
सोसायटी निवासी सचिन शर्मा ने इसे एक पिता के समर्पण की मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि हरीश के पिता ने अपने बेटे के लिए जो कुछ किया, वह असाधारण है। अंतिम समय तक उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी और हर संभव प्रयास किया। उन्होंने यह भी कहा कि नवरात्र के दौरान हरीश का जाना इस घटना को और अधिक भावुक बना देता है।
अंतिम विदाई की तैयारी
स्थानीय निवासी राजकुमार ने बताया कि हरीश का अंतिम संस्कार दक्षिण दिल्ली के ग्रीन पार्क में किया जाएगा। परिवार के रिश्तेदार और परिचित वहां पहुंच चुके हैं, जबकि सोसायटी से भी बड़ी संख्या में लोग अंतिम विदाई देने जाएंगे। उन्होंने कहा कि जीवन का सबसे बड़ा दुख तब आता है, जब पिता को बेटे की अर्थी को कंधा देना पड़ता है। इस कठिन घड़ी में पूरी सोसायटी परिवार के साथ खड़ी है।








