प्रधानमंत्री आज पश्चिम एशिया संकट को लेकर राज्यसभा में जानकारी दे रहे हैं। इससे पहले सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में अपनी बात रखी थी। प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में कहा, पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और उससे बनी परिस्थितियों से हम सभी परिचित हैं। मैं आज संसद के उच्च सदन और देशवासियों के सामने इन विकट परिस्थितियों पर सरकार का पक्ष रखने के लिए पेश हुआ हूं। इस युद्ध ने पूरे विश्व में ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। भारत के लिए भी ये स्थिति चिंताजनक है। इस युद्ध से व्यापार रास्ते प्रभावित हो रहे हैं और इससे एलपीजी, पेट्रोल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
युद्ध की शुरुआत के बाद से मैंने पश्चिम एशिया के राष्ट्राध्यक्षों के साथ दो बार बात की है। हम अमेरिका के भी संपर्क में हैं। हमारा लक्ष्य बातचीत के माध्यम से शांति स्थापित करने का है। हमने होर्मुज स्ट्रेट को खोले जाने पर भी उनसे बात की है। होर्मुज जैसे अहम शिपिंग मार्ग को बाधित किया जाना अस्वीकार्य है। भारत डिप्लोमैसी के जरिए युद्ध के इस माहौल में भी जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए सतत प्रयास कर रहा है।
युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 3 लाख 75 हजार से अधिक भारतीय सुरक्षित भारत लौट चुके हैं। ईरान से भी अभी तक एक हजार से अधिक भारतीय सुरक्षित वापस लौटे हैं। इनमें से 700 से अधिक मेडिकल की पढ़ाई करने वाले युवा हैं। हमारी सरकार संकट के इस समय में पूरी संवेदनशीलता से काम कर रही है।







