हरबर्टपुर स्थित एक संस्था के अस्पताल में शनिवार को घोर लापरवाही का मामला सामने आया है। परिजन अस्पताल से मरीज को लेकर चले गए, वहीं अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को मरीज के मौत की सूचना भेज दी। परिजन एक के बाद एक अस्पतालों में महिला को लेकर भटकते रहे। बाद में झाझरा स्थित एक संस्था के अस्पताल ने महिला के मौत की पुष्टि की। करीब ढाई घंटे तक परिजनों और ग्रामीणों को समझाने के बाद नायब तहसीलदार की मौजूदगी में मृतका का पंचनामा भरा गया।
जानकारी के अनुसार, सहसपुर कोतवाली क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में एक 25 वर्षीय मुस्लिम महिला की अचानक तबियत बिगड़ गई। परिजनों ने उसे हरबर्टपुर स्थित एक संस्था के अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया। उपचार के दौरान परिजन अपने साथ ले गए। परिजन छोटे से लेकर बड़े अस्पतालों तक महिला का उपचार कराने के लिए भटकते रहे। तीन अस्पतालों के हाथ खड़े करने के बाद वह करीब 20 किलोमीटर दूर झाझरा स्थित एक संस्था के अस्पताल में पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने परिजनों को बताया कि अस्पताल लाने से 10 मिनट पहले महिला की मौत हो चुकी है। उसके बाद परिजन मृतका को लेकर गांव पहुंचे। इस दौरान मृतका को सुपुर्द-ए-खाक करने की तैयारी चल रही थी।
शाम करीब 7:00 बजे सहसपुर कोतवाली पुलिस के पास हरबर्टपुर स्थित संस्था के अस्पताल से महिला की मृत्यु की सूचना पहुंची। उसके बाद पुलिस बैरागीवाला पहुंची, लेकिन परिजनों और ग्रामीणों ने पंचनामे के लिए शव देने से इंकार कर दिया। सूचना पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख व स्थानीय क्षेत्र पंचायत सदस्य जसविंदर सिंह बिट्टू मौके पर पहुंचे। मौके पर करीब दो हजार से अधिक ग्रामीण एकत्र हो गए थे। उन्होंने पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों को प्रक्रिया की जानकारी देते हुए मनाया।
करीब ढाई घंटे तक मृतका के ससुराल और मायके पक्ष के लोगों के मान मनौव्वल के बाद वह उसका पंचनामा भरवाने के लिए तैयार हुए। मृतका के शव को दोबारा अस्पताल लाया गया। परिजनों ने पोस्टमार्टम करवाने से इंकार कर दिया। पंचनामा भरने के बाद एसडीएम की अनुमति पर शव परिजनों को सौंप दिया गया।






