केंद्र सरकार के मुताबिक, देश में घरेलू एलपीजी (रसोई गैस) की सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है और लोगों द्वारा की जा रही घबराहट में बुकिंग अब कम हो गई है। सरकार ने साफ किया है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के बावजूद भारत में गैस, पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है।
अस्पतालों और स्कूलों को दी जा रही प्राथमिकता
सरकार ने खास तौर पर अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता देते हुए करीब 50 प्रतिशत कमर्शियल एलपीजी इन्हीं सेक्टरों को दिया है। इसके अलावा रेस्टोरेंट, ढाबा, होटल, डेयरी और फूड प्रोसेसिंग जैसे जरूरी क्षेत्रों के लिए भी 20 प्रतिशत अतिरिक्त गैस आवंटन किया गया है, ताकि रोजमर्रा की सेवाएं प्रभावित न हों।
‘पूरी क्षमता से काम कर रही देश की सभी रिफाइनरियां’
पेट्रोलियम मंत्रालय ने यह भी बताया कि देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। पेट्रोल और डीजल की भी भरपूर उपलब्धता है और किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन खत्म होने की कोई खबर नहीं है।
राज्यों को पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश
सरकार ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि वे पीएनजी (पाइप गैस) कनेक्शन तेजी से उपलब्ध कराएं, ताकि लोगों को एलपीजी पर कम निर्भर रहना पड़े। साथ ही, गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए देशभर में छापेमारी भी जारी है।
सरकार की अपील- घबराकर ज्यादा खरीदारी न करें
प्राकृतिक गैस के मामले में भी घरेलू उपयोग और वाहनों के लिए सीएनजी की सप्लाई 100 प्रतिशत बनी हुई है, जबकि उद्योगों को उनकी जरूरत का लगभग 80 प्रतिशत गैस मिल रही है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर ज्यादा खरीदारी न करें, क्योंकि देश में ईंधन और गैस की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है और सप्लाई लगातार जारी है।







