क्या आपने कभी सुना है कि सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए मरीजों को आपस में चंदा करना पड़े। यह हैरान करने वाली तस्वीर उप जिला चिकित्सालय की है, जहां पिछले 15 दिनों से एंटी-रेबीज इंजेक्शन न होने के कारण गरीब मरीज बाहर से दवा खरीदने को मजबूर हैं। विभाग की लापरवाही का आलम यह है कि लोग अपनी जेबें खाली कर आपस में पैसे जोड़ रहे हैं, ताकि किसी तरह इंजेक्शन का इंतजाम हो सके।







