देहरादून: चकराता की ऊंची चोटियों पर 7 साल बाद मार्च में गिरी बर्फ, बर्फबारी से बढ़ी ठंड

कराता क्षेत्र में मार्च के महीने में हुई बर्फबारी ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की तीसरी बर्फबारी के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सात साल बाद बर्फबारी ने पूरे इलाके के मौसम को एक बार फिर जनवरी जैसा ठंडा बना दिया है।

रविवार देर रात देवबन, खड़ंबा, मुंडाली और मोईला टॉप समेत ऊंचाई वाले इलाकों में मौजूदा सीजन की तीसरी बर्फबारी हुई। हालांकि बर्फबारी बहुत अधिक नहीं हुई लेकिन इसके बाद पूरे क्षेत्र में ठंड बढ़ गई है। बर्फ की सफेद चादर बिछने से ऊंचाई वाली पहाड़ियों का दृश्य बेहद आकर्षक नजर आया। इससे पहले पांच मार्च 2019 को मार्च के महीने में चकराता की ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी हुई थी। बर्फबारी से स्थानीय लोगों और पर्यटकों में उत्साह का माहौल है। स्थानीय निवासी बलबीर सिंह, राजेंद्र सिंह और बाबूराम ने बताया कि मार्च में हुई इस बर्फबारी से चकराता का मौसम लंबे समय तक ठंडा रहने की संभावना है। साथ ही इससे क्षेत्र की फसलों को भी लाभ मिलेगा।

अगले 24 घंटे में तापमान में और गिरावट की संभावना

कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. ए.के शर्मा ने बताया कि मौसम विभाग से मिल रही जानकारी के अनुसार अगले 24 घंटे में ठंडी हवाएं चलने और तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। फिलहाल क्षेत्र का अधिकतम तापमान 14 डिग्री और न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

 

मार्च माह में पर्यटकों को बर्फ की कोई उम्मीद नहीं थी लेकिन मौसम की मेहरबानी से औली में अच्छी बर्फ पड़ गई है। रुड़की से औली पहुंचे विवेक और समृद्धि का कहना है कि इस समय हमें औली में बर्फ देखने को मिली है। मार्च में भी यहां बर्फ का नजारा देखने को मिला है। वहीं पाणा-ईराणी गांव में भी बर्फबारी हुई है। गोपेश्वर के सामने की चोटियां बर्फ से ढकी रहीं। मंडल के ऊपरी क्षेत्र में भी बर्फबारी हुई है।

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बदरीनाथ धाम में आधा फीट से अधिक बर्फ
बर्फबारी होने से बदरीनाथ धाम का नजारा देखने लायक बना है। बदरीनाथ में आधा फीट से अधिक बर्फ जमी है। बर्फबारी के बाद सुबह जब सूरज की किरणें धाम में पड़ी तो यहां का नजारा खासा विहंगम बना रहा। वहीं बारिश से जंगलों में लगी आग भी बुझ गई है। इससे वन विभाग ने राहत की सांस ली है।
झमाझम बारिश हुई
बारिश के बाद सोमवार सुबह चटख धूप खिली और दोपहर बाद अचानक मौसम बदल गया। यहां झमाझम बारिश होने लगी। ठंड से बचने के लिए लोगों के गर्म कपड़े फिर निकल आए। बारिश को बागवानी तथा अन्य फसलों के लिए लाभकारी माना जा रहा है। वहीं आदिबदरी में रविवार रात को मूसलाधार बारिश हुई।  
उत्तराखंड में बीते रोज अचानक बदले मौसम का असर सोमवार को भी देखने को मिला। पर्वतीय इलाकों में तापमान के गिरने से ठंड बरकरार रही। वहीं, मैदानी क्षेत्रों में पारा चढ़ने से गर्मी का अहसास हुआ। वहीं, मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार आज 17 मार्च को प्रदेश भर में मौसम शुष्क रहेगा।
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