एक्स (पूर्व में ट्विटर) ने बताया है कि उसने पिछले 12 महीनों में करीब 80 करोड़ अकाउंट सस्पेंड किए हैं। कंपनी के मुताबिक ये कार्रवाई प्लेटफॉर्म पर मैनिपुलेशन, स्पैम और फर्जी नेटवर्क को रोकने के लिए की गई थी।
कंपनी ने यह जानकारी ब्रिटेन के संसद में दी और बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एजेंडा प्रभावित करने की कोशिशें बहुत बड़े स्तर पर हो रही हैं। फिलहाल एक्स (X) के दुनियाभर में लगभग 30 करोड़ सक्रिय मासिक यूजर हैं। इसका मतलब है कि प्लेटफॉर्म पर सक्रिय यूजर्स से कहीं ज्यादा संख्या फर्जी अकाउंट्स या बॉट्स की थी।
रोज बनते हैं फर्जी नेटवर्क
एक्स की पैरेंट कंपनी ‘एक्स कॉर्प’ के गवर्नमेंट अफेयर्स एग्जीक्यूटिव विल्फ्रेडो फर्नांडीज ने सांसदों की समिति से बातचीत में कहा कि हर दिन फर्जी अकाउंट नेटवर्क बनाने की कोशिशें होती हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल के आखिरी महीनों में ही कई सौ मिलियन अकाउंट हटाए गए थे और उन्हें भरोसा है कि प्लेटफॉर्म पर बचे ज्यादातर अकाउंट असली यूजर के हैं।
मैनिपुलेटिव और स्पैम अकाउंट क्या होते हैं?
कंपनी के अनुसार मैनिपुलेटिव अकाउंट वे होते हैं जो बड़ी संख्या में आक्रामक या भ्रामक गतिविधियां करते हैं और दूसरे यूजर्स के अनुभव को खराब करते हैं। वहीं स्पैम अकाउंट आमतौर पर बार-बार अनचाहा कंटेंट पोस्ट करते हैं, जिससे प्लेटफॉर्म पर कम गुणवत्ता वाला कंटेंट तेजी से फैलता है।
स्पैम अकाउंट लंबे समय से चिंता का विषय
एलन मस्क के लिए स्पैम अकाउंट्स हमेशा से सिरदर्द रहे हैं। 2022 में जब उन्होंने ट्विटर खरीदने का फैसला किया था, तब भी उन्होंने इसी ‘बॉट्स’ की समस्या को लेकर सौदा रद्द करने की धमकी दी थी। हालांकि, बाद में उन्हें यह प्लेटफॉर्म खरीदना पड़ा।
मस्क के आने के बाद से कंटेंट मॉडरेशन (कंटेंट पर निगरानी) को लेकर कई बार आलोचना भी हुई है। पिछले साल ब्रिटेन में हुई एक हिंसक घटना के दौरान भी एक्स पर गलत जानकारी फैलाने के आरोप लगे थे। लेकिन अब कंपनी का दावा है कि वे प्लेटफॉर्म को सुरक्षित बनाने के लिए कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं और अब बचे हुए ज्यादातर अकाउंट्स असली हैं।







