हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से पंचायत चुनाव से ठीक पहले किए जा रहे बड़े पैमाने पर पुनर्गठन कार्यों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। हाईकोर्ट ने सोलन जिले के गांव मनलोग-बडोग को हनुमान बड़ोग पंचायत से हटाकर दाड़लाघाट में शामिल करने के सरकार के फैसले और अधिसूचना को रद्द कर दिया है। अदालत ने कहा कि जब पंचायती राज संस्थाओं का पांच साल का कार्यकाल पहले ही समाप्त हो चुका है और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार 31 मई तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है, तो सरकार इस समय जल्दबाजी में पुनर्गठन क्यों कर रही है। अदालत ने आगे कहा कि समय की कमी के कारण जल्दबाजी में लिए ऐसे फैसले कानूनी खामियां छोड़ देते हैं, जिससे न्यायिक हस्तक्षेप की आवश्यकता पड़ती है। कोर्ट ने चेतावनी दी कि सरकार की इस देरी करने वाली रणनीति से उनकी मंशा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।








