भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के अधिकारियों ने बताया कि उपायुक्त पागे और सहायक आयुक्त मच्छिंद्र विट्ठल डोंडे ने शिकायतकर्ता के नासिक स्थित कार्यालय पर छापा मारा था और जीएसटी के तहत कार्रवाई से बचाने के लिए 1.25 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में यह रकम घटाकर 1 करोड़ रुपये कर दी गई। शिकायत मिलने पर एसीबी ने जाल बिछाया और पागे के सहयोगी अमित जाधव को 20 लाख रुपये की पहली किश्त लेते समय रंगे हाथों पकड़ लिया। पागे के कार्यालय से 2 लाख रुपये नकद और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। सहायक आयुक्त मच्छिंद्र विट्ठल की तलाश की जा रही है।