हल्द्वानी: मचान पर बैठकर बीत गई रात, नहीं दिखा बाघ, 34 ट्रैप कैमरों में भी नहीं दिखा खूंखार वन्यजीव

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ल्द्वानी में 25 फरवरी को पनियाली गांव की कमला देवी को निवाला बनाने वाला बाघ पकड़ में नहीं आया है। वन विभाग की टीम ने बाघ को ट्रैंक्यूलाइज करने के लिए एक नया मचान बनाकर वहां चिकित्सक की तैनाती की है। यह मचान वहां बना है जहां बाघ ने 12 फरवरी को गंगा देवी को मारा था।

 

वन विभाग की टीम बृहस्पतिवार पूरी रात मचान पर ही मौजूद रही। डीएफओ खुद टीम के संपर्क में बने रहे। पूरी रात बाघ की कोई हलचल कमला देवी को मारने वाली जगह पर नहीं हुई। यहां तक कि आसपास के इलाकों में लगाए 34 ट्रैप कैमरों में भी बाघ कैद नहीं हुआ है। डीएफओ ध्रुव सिंह मर्ताेलिया ने कहा कि कमला देवी के साथ जहां हादसा हुआ, वहां लोगों की आवाजाही ज्यादा है। इस वजह से बाघ घटनास्थल पर नहीं आया। अब वहां से तकरीबन डेढ़ किलोमीटर दूर दूसरा मचान बनाकर तैनाती भी कर दी गई है। वहीं, आबादी से सटे क्षेत्रों में वन विभाग की ओर से सात किमी लंबी सोलर फेंसिंग की गई है जो कई जगहों पर क्षतिग्रस्त है। वन विभाग के अनुसार जंगल में जाने के लिए इसे क्षतिग्रस्त किया गया है। इसे जल्द दुरुस्त कराया जाएगा।

आज से लगेंगी सोलर लाइटें

बाघ के हमले के बाद वन विभाग ने सोलर लाइट लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। शनिवार को प्रभावित गांवों के पशुपालकों को वन विभाग चारा भी उपलब्ध कराएगा जिससे ग्रामीणों को जंगल न जाना पड़े। वन विभाग पीपलपोखरा, फतेहपुर और पनियाली सहित अन्य क्षेत्रों 50 सोलर लाइटें लगाएगा। ग्राम प्रधान पनियाली ने भी 25 सोलर लाइटें लगाने की बात कही है। पनियाली क्षेत्र में करीब 800 परिवार हैं जिसमें कई लोग दुग्ध व्यवसाय करते हैं। इस कारण वे जंगल पर निर्भर हैं। बाघ के आतंक के बाद महिलाओं के जंगल में जाने पर रोक के बाद उनके सामने पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो गया है।

रामनगर वन प्रभाग में हैं 93 बाघ, तेंदुओं की भी मौजूदगी

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वन विभाग के अनुसार वन प्रभाग में कुल बाघ की संख्या 93 है जबकि तेंदुआ भी अच्छी खासी संख्या में हैं। फतेहपुर रेंज में बाघ की अनुमानित संख्या सात है। इस क्षेत्र में 20 तेंदुओं की दस्तक है। पनियाली और आसपास के गांवों से सटे जंगल में हर दिन तेंदुओं की गतिविधि होने की बात ग्रामीण कह रहे हैं।

ग्रामीणों ने कहा

बृहस्पतिवार सुबह घर के आंगन में ही वन्यजीव नजर आया। फिर वह सामने वाले मकान से होते हुए जंगल में चला गया। बाघ की दस्तक से सब खौफ में हैं।– लीला देवी, ग्रामीण

मैंने बाघ को सुबह दस बजे सोलर फेंसिंग लाइन के पास दिखा। काफी डर का माहौल बना हुआ है। क्षेत्र में प्राइवेट नौकरी करने वाले ज्यादा हैं जो रात दस बजे तक घर आते हैं। उनकी चिंता लगी रहती है।-नारायण आर्या, ग्रामीण

दुधारू पशुओं को रात आठ बजे तक घर के बाहर बांधते थे, अब उन्हें शाम पांच बजे से ही गोठ में बंद करना पड़ रहा है। बच्चों और बुजुर्गों को भी शाम होते ही घरों में कैद होने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।-रेखा देवी, ग्रामीण

घर में रखा हुआ चारा भी खत्म होने वाला है। वन विभाग ने चारा देने का आश्वासन दिया है। बाघा की दहशत के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है।-पूनम भंडारी, ग्रामीण

25 सोलर लाइट 50-50 मीटर की दूरी पर लगाई जाएंगी। 100 सोलर लाइटों के लिए सीडीओ ने आश्वासन दिया है। चार साल पूर्व बाघ के हमले में महिला की मौत के बाद सोलर फेंसिंग लगी थी जो अब कार्य नहीं कर रही है।– कपिल सिंह देवका, ग्राम प्रधान पनियाली

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