कालाढूंगी विधायक और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत एक बार फिर अपने तेवरों से सुर्खियों में हैं। मीडिया को दिए एक बयान में उन्होंने कहा कि मैं तो रिटायर नहीं हुआ हूं, अभी दो टर्म मेरा चलेगा ही चलेगा… पार्टी रिटायर कर देगी तो क्या करूंगा। मैं चाहता हूं कि मेरे बेटे को टिकट मिले। वह लंबे समय से क्षेत्र में मेहनत कर रहा है। आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के बीच, कालाढूंगी विधायक ने दावेदारी को लेकर जो रुख अख्तियार किया है, उसने न केवल विरोधियों बल्कि पार्टी के भीतर सक्रिय अन्य दावेदारों की भी धड़कनें बढ़ा दी हैं। भगत ने साफ शब्दों में रिटायरमेंट की अटकलों को खारिज कर दिया है। उन्होंने पहली बार खुलकर अपने बेटे विकास भगत के लिए बैटिंग की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि पार्टी उन्हें मौका नहीं देती है तो उनका बेटा विकास भगत ही इस सीट से प्रबल दावेदार होगा।
भगत ने संदेश दे दिया है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में कालाढूंगी सीट पर भगत परिवार का दावा सबसे ऊपर रहेगा। बंशीधर भगत पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। वह 1975 से राजनीति में सक्रिय हैं और उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है।अगस्त में भगत 77 साल के हो जाएंगे। इसके बावजूद चुनाव लड़ने की इच्छा उनके मन में हिलोरे मार रही है। इस मांग को राजनीतिक विरासतत को आगे बढ़ाने के सपने के रूप में देखा जा रहा है।









