जानकारी के मुताबिक देहरादून रेलवे स्टेशन पर मौजूद अतिरिक्त कोच नंदादेवी एक्सप्रेस में लगाए गए थे। रूट से वापस लौटने के बाद कुल 11 अतिरिक्त कोच में से 10 को खड़ा करने के लिए ट्रेन प्लेटफार्म नंबर पांच पर गई थी। शंटिंग मास्टर की ओर से लोको पायलट को सही जानकारी न दिए जाने से ट्रेन दीवार से टकरा गई। लोको पायलट स्थिति को संभालता तब तक कोच के चार पहिए पटरी से उतर गए।
घटना की सूचना मिलते ही अधिकारियों में अफरातफरी मच गई। रेलवे ने घटना का कड़ा संज्ञान लेते हुए मुरादाबाद मंडल से अधिकारियों को जांच के लिए भेजा है। नाम न छापने की शर्त पर अधिकारियों ने बताया कि इसमें शंटिंग मास्टर के नशे में होने की भी बात सामने आयी है। वह लोको पायलट को नहीं बता पाया कि पीछे कितनी जगह है, ऐसे में लोको पायलट ट्रेन को नहीं रोक सका। कोच को लिफ्ट करने के लिए देर रात तक मशक्कत जारी रही।